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8th Pay Commission : संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिवस ही 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के संदर्भ में सवाल उठेगा। 1 दिसंबर, 2025 को लोकसभा में वित्त मंत्रालय के सामने एक ऐसा प्रश्न आने वाला है, जो सीधे तौर पर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब और भविष्य से जुड़ा है।

यहां बताना होगा कि केन्द्र सरकार ने 28 अक्टूबर, 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की औपचारिक घोषणा की है। सवाल यह है कि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों को तुरंत क्या मिलेगा?

वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में अक्सर 1.5 से 2 साल का समय लगता है। पिछले 30 सालों में महंगाई के ग्राफ को देखते हुए, कर्मचारी यूनियनें यह मांग कर रही हैं कि उन्हें आयोग की रिपोर्ट आने तक इंतज़ार न कराया जाए, बल्कि ’अंतरिम राहत’ (Interim Relief) प्रदान की जाए।

इसी मुद्दे को उठाते हुए लोकसभा सांसद आनंद भदौरिया ने अतारांकित प्रश्न संख्या 212 के माध्यम से सरकार से सवाल पूछे हैं। जानें सवाल :

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क्या वित्त मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) क्या सरकार ने हाल ही में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के लिए अधिसूचना जारी की है;
(ख) यदि हाँ, तो इसका ब्यौरा क्या है;
(ग) क्या सरकार उन सरकारी कर्मचारियों/पेंशनर्स को तुरंत राहत प्रदान करने के लिए मौजूदा डीए/डीआर को मूल वेतन में मिलाने का विचार रखती है जो पिछले 30 सालों से बहुत ज़्यादा महंगाई का सामना कर रहे हैं, क्योंकि इन कर्मचारियों को दिया गया डीए/डीआर वास्तविक समय खुदरा महंगाई के हिसाब से नहीं है;
(घ) यदि हाँ, तो इसका ब्यौरा क्या है; और
(ङ) यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?

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