Tuesday, August 25, 2026
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बिलासपुर में घंटों खड़ी रहने वाली 4 ट्रेनें कोरबा-गेवरा रोड तक चलाने की मांग, INTUC ने सांसद को सौंपा ज्ञापन

SEKMC (INTUC) के केंद्रीय अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह ने उठाई मांग; कोरबा, गेवरा, कुसमुंडा और दीपका के हजारों यात्रियों-कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

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कोरबा। IndustrialPunch : बिलासपुर रेलवे स्टेशन में लंबे समय तक खड़ी रहने वाली चार ट्रेनों के कोरबा अथवा गेवरा रोड रेलवे स्टेशन तक विस्तार की मांग को लेकर साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (INTUC) ने आवाज बुलंद की है। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कोरबा लोकसभा सांसद ज्योत्सना महंत को ज्ञापन सौंपकर रेलवे से इस दिशा में पहल कराने की मांग की।

INTUC का कहना है कि यदि बिलासपुर स्टेशन पर लंबे समय तक खड़ी रहने वाली इन ट्रेनों को कोरबा/गेवरा रोड तक बढ़ाया जाता है, तो इससे कोयला नगरी कोरबा के साथ-साथ बड़ी संख्या में यात्रियों, कर्मचारियों और उद्योगों से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है।

चार ट्रेनों के विस्तार की मांग

  • रीवा–बिलासपुर–रीवा एक्सप्रेस — ट्रेन संख्या 18248/47
  • इंदौर–बिलासपुर–इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस — ट्रेन संख्या 18233/34
  • भोपाल–बिलासपुर–भोपाल एक्सप्रेस — ट्रेन संख्या 18235/36
  • चिरिमिरी–बिलासपुर–चिरिमिरी एक्सप्रेस — ट्रेन संख्या 18258/57

ज्ञापन में इन ट्रेनों के बिलासपुर स्टेशन पर ठहराव की अवधि का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इस समय का उपयोग ट्रेन को कोरबा अथवा गेवरा रोड तक चलाने के लिए किया जा सकता है।

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नर्मदा एक्सप्रेस का 21 घंटे 45 मिनट ठहराव का दावा

ज्ञापन के अनुसार नर्मदा एक्सप्रेस (18233/34) बिलासपुर में लगभग 21 घंटे 45 मिनट खड़ी रहती है।

इसी तरह भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस (18235/36) के लिए लगभग 19 घंटे 20 मिनट और चिरिमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस (18258/57) के लिए करीब 19 घंटे 10 मिनट के ठहराव का उल्लेख किया गया है।

वहीं ज्ञापन में रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस (18248/47) के बिलासपुर में करीब 10 घंटे के ठहराव का विवरण दिया गया है।

कोयला उद्योग के कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा फायदा

गोपाल नारायण सिंह ने ज्ञापन में कोरबा जिले के कोयला उद्योग के प्रमुख केंद्र होने का उल्लेख किया है। कोरबा क्षेत्र के साथ SECL की बड़ी परियोजनाएं गेवरा, कुसमुंडा और दीपका क्षेत्र में संचालित हैं।

INTUC के अनुसार इन क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर तथा छत्तीसगढ़ के कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिलों से बड़ी संख्या में विस्थापित और सीधे भर्ती हुए कर्मचारी कार्यरत हैं।

रेलवे और यात्रियों दोनों को फायदा होने का तर्क

INTUC का कहना है कि जिन चार ट्रेनों का विस्तार मांगा गया है, वे मध्यप्रदेश के कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर तथा छत्तीसगढ़ के कोरिया और MCB क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं।

ऐसे में यदि इन ट्रेनों को कोरबा/गेवरा रोड तक बढ़ाया जाता है, तो यात्रियों को लंबी दूरी के सफर के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। संगठन का तर्क है कि इससे रेलवे, यात्रियों और कोरबा के आम नागरिकों—तीनों को लाभ होगा।

कोयला नगरी को बड़ी रेल सौगात मिलने की उम्मीद

कोरबा देश के महत्वपूर्ण कोयला एवं ऊर्जा केंद्रों में शामिल है। गेवरा, कुसमुंडा और दीपका जैसी बड़ी कोयला परियोजनाओं के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रमिक और अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों से आकर कार्य करते हैं।

INTUC का मानना है कि चार प्रमुख ट्रेनों का कोरबा अथवा गेवरा रोड तक विस्तार होने से श्रमिकों, उनके परिवारों, स्थानीय यात्रियों और उद्योग से जुड़े लोगों की आवाजाही आसान हो सकती है।

सांसद को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय कोषाध्यक्ष संदीप चौधरी, कुसमुंडा क्षेत्र के अध्यक्ष बी.एल. महंत (राजवीर), महासचिव राजू लाल सोनी सहित महेंद्र पाल यादव, उवैश अहमद, निर्मल चंद्रा, मंतोष कुमार, अश्वनी साहू, सियाराम साहू, लखन श्रीवास, शैलेन्द्र सिंह, विनय गुप्ता और भुनेश्वर साहू मौजूद रहे।

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