कोरबा। IndustrialPunch : एनटीपीसी कोरबा (NTPC Korba) ने चारपारा राखड़ बांध (Charpara Ash Dyke) क्षेत्र में वनीकरण और जैव-विविधता के विकास से जुड़े अध्ययन का कार्य गुरु घासीदास विश्वविद्यालय को सौंपा है। NTPC के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार यह कार्य 8 सितंबर, 2026 को विश्वविद्यालय के कुलसचिव को 17.91 लाख रुपये में प्रदान किया गया।
अध्ययन का उद्देश्य चारपारा राखड़ बांध क्षेत्र में किए गए वनीकरण के प्रभाव, जैव-विविधता में हुए विकास और विकसित हरित क्षेत्र की दीर्घकालिक स्थिरता का आकलन करना है।
460 दिनों में होगा अध्ययन
इस कार्य के लिए NTPC ने 19 अगस्त, 2026 को निविदा जारी की थी। अध्ययन की अवधि 460 दिन निर्धारित की गई है। निविदा में कार्य का अनुमानित मूल्य भी 17.91 लाख रुपये रखा गया था।
अध्ययन के दौरान क्षेत्र में विकसित हरित आवरण, वनस्पतियों तथा जैव-विविधता की स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर क्षेत्र के संरक्षण और भविष्य के विकास के लिए सुझाव भी सामने आने की उम्मीद है।
राख बांध को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की पहल
चारपारा राखड़ बांध एनटीपीसी कोरबा के राख प्रबंधन से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां वनीकरण के माध्यम से हरित क्षेत्र विकसित किया गया है। अब NTPC इस क्षेत्र में जैव-विविधता और पर्यावरणीय स्थिरता को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन करा रहा है।
इस पहल से राख बांध क्षेत्र के पुनर्विकास, हरित आवरण के संरक्षण और जैव-विविधता बढ़ाने की दिशा में आगे की योजना तैयार करने में मदद मिल सकती है।
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