नई दिल्ली। IndustrialPunch : देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनियों में शामिल NTPC अपने बिजली संयंत्रों में कोयले की उपलब्धता बनाए रखने के लिए घरेलू commercial और captive coal mines से खरीद बढ़ाने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में NTPC करीब 10 मिलियन टन (MT) कोयला निजी/Commercial स्रोतों से खरीदने की योजना बना रहा है।
यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब NTPC के कुछ पावर प्लांटों में कोयले का स्टॉक घटकर लगभग 5–6 दिनों की जरूरत के स्तर तक पहुंच गया है। बिजली की मांग बढ़ने की स्थिति में संयंत्रों के संचालन को निर्बाध बनाए रखने के लिए पर्याप्त coal inventory बनाए रखना NTPC के लिए प्राथमिकता बन गया है।
कोयला स्टॉक घटने से बढ़ी चिंता
NTPC के पावर स्टेशनों में कोयले की उपलब्धता बिजली उत्पादन की निरंतरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मानसून के बाद बिजली की मांग, ताप विद्युत उत्पादन और कोयले की दैनिक खपत में होने वाले बदलावों के कारण स्टॉक पर दबाव बढ़ सकता है।
ऐसे में NTPC का निजी और commercial coal mines से अतिरिक्त कोयला खरीदने का फैसला एक वैकल्पिक sourcing strategy के रूप में देखा जा रहा है। इससे कंपनी को Coal India से मिलने वाली आपूर्ति के अलावा अन्य घरेलू स्रोतों से भी कोयला उपलब्ध हो सकेगा।
Coal India पर भी बढ़ेगा दबाव
NTPC द्वारा निजी खदानों से करीब 10 MT अतिरिक्त कोयला खरीदने की योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू Coal India Limited से जुड़ा है। NTPC देश में Coal India का सबसे बड़ा बिजली क्षेत्रीय ग्राहक समूहों में से एक है और उसके ताप विद्युत संयंत्रों के लिए Coal India की आपूर्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हालांकि निजी स्रोतों से खरीद बढ़ाने का मतलब यह नहीं है कि NTPC की Coal India पर निर्भरता समाप्त हो रही है। बल्कि मौजूदा स्थिति में Coal India के सामने power sector को नियमित और पर्याप्त coal supply बनाए रखने की चुनौती और महत्वपूर्ण हो जाती है।
Coal India को बिजली क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप production और dispatch में संतुलन बनाए रखना होगा, ताकि NTPC और अन्य thermal power generators के पास आवश्यक stock बना रहे।
Commercial Coal Mines की भूमिका बढ़ेगी
देश में commercial coal mining को बढ़ावा देने के पीछे सरकार का एक प्रमुख उद्देश्य coal supply chain में नए स्रोत विकसित करना और Coal India पर अत्यधिक निर्भरता कम करना है।
NTPC द्वारा commercial/captive mines से अतिरिक्त coal खरीद की योजना इस व्यापक रणनीति को भी मजबूत कर सकती है। इससे घरेलू coal producers के लिए बाजार बढ़ेगा और बिजली कंपनियों को sourcing के अधिक विकल्प मिलेंगे।
Coal India के लिए क्या मायने?
NTPC की रणनीति Coal India के लिए दोहरी चुनौती और अवसर लेकर आती है। एक ओर power sector में coal demand और stock replenishment का दबाव बना रहेगा, वहीं दूसरी ओर commercial coal producers के बढ़ते योगदान से प्रतिस्पर्धा भी बढ़ सकती है।
Coal India के लिए आने वाले महीनों में production बढ़ाने, efficient dispatch, rake availability और power-sector customers को प्राथमिकता के साथ supply बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
- Join the IndustrialPunch WhatsApp Group:Click here
- industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here









