Wednesday, April 22, 2026
Home Industrial (हिंदी) कोल विधानसभा अध्यक्ष महतो बोले- रिपोर्ट ने झारखंड के कोयला क्षेत्रों को समझने...

विधानसभा अध्यक्ष महतो बोले- रिपोर्ट ने झारखंड के कोयला क्षेत्रों को समझने के लिए एक अनूठा दृष्टिकोण प्रदान किया

सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के निदेशक कार्मिक एचएन मिश्रा ने कहा “लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि कोयला कभी खत्म हो सकता है।

Advertisement

रांची, 12 फरवरी। रिपोर्ट ने झारखंड के कोयला क्षेत्रों को समझने के लिए एक अनूठा दृष्टिकोण प्रदान किया है। राज्य के लोगों को अब तक स्थानीय संसाधनों के लाभों से वंचित रखा गया है। अब समय आ गया है कि इन क्षेत्रों के मुद्दों को गहराई से समझा जाए ताकि स्थानीय समुदायों को लाभ मिल सके।” यह कहना है झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो का।

वे मंगलवार को होटल रेडिशन ब्लू में स्वनीति इनिशिएटिव एवं डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “ रिपोर्ट लोकार्पण “ कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप संबोधित कर रहे थे।

इस मौके पर दोनों संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से रामगढ़ – बोकारो के आर्थिक विविधीकरण पर किए गए रिसर्च स्टडी का रिपोर्ट “झारखंड के कोयला क्षेत्र के न्यायसंगत परिवर्तन और आर्थिक विविधीकरणः रामगढ़ और बोकारो के जमीनी स्तर पर अध्ययन” जारी किया।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया।

स्वनीति इनिशिएटिव के निदेशक रिसर्च संदीप पई ने स्टडी रिपोर्ट के बारे में कहा “जैसा कि भारत अपने शुद्ध शून्य लक्ष्य को प्राप्त करने की योजना बना रहा है, झारखंड जैसे राज्य के लिए न्यायोचित परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण होता जा रहा है। हमारा अध्ययन दिखाता है कि झारखंड के लोग और समुदाय किस तरह कोयले पर निर्भर हैं और झारखंड के जिले अपनी अर्थव्यवस्था को नए क्षेत्रों में कैसे विविधता प्रदान कर सकते हैं। आर्थिक विविधीकरण के बिना, लोगों और समुदायों को नुकसान होने का डर है, जो नहीं होना चाहिए।”

Advertisement

सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के निदेशक कार्मिक एचएन मिश्रा ने कहा “लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि कोयला कभी खत्म हो सकता है। लेकिन, हमें वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से, कोयले पर निर्भरता को कम करने की योजना बनानी होगी। ताकि आने वाले दिन भी अभी की तरह उज्ज्वल हों। हम ऊर्जा परिवर्तन को पूरी तरह से समझ नहीं पा रहे हैं। कोयले पर लोगों की निर्भरता कम करने के लिए और अधिक काम करने की आवश्यकता है।“

रवि रंजन, आईएफएस, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने कहा “कोयला निर्भरता को समझना अभी एक शुरुआत है। स्थानीय कोयला समुदायों और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के विविधीकरण के लिए हम बहुत कुछ कर सकते हैं। वैकल्पिक राजस्व सृजन, इको-टूरिज्म और कृषि-वानिकी के लिए कोयला क्षेत्रों में सुविधाएं बनाई जानी चाहिए।”

स्वनीति के फेलो ऋषिकिशोर एवं एसोसिएट दीक्षा पांडेय ने रिपोर्ट पर विस्तार से प्रकाश डाला। डिजिटल एम्पावरमेंट के सौरव श्रीवास्तव ने अथितियों के स्वागत किया जबकि अर्पिता ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

कार्यक्रम में स्वनीति की ट्रस्टी उमा भट्टाचार्य, विधायक अरूप चटर्जी, बोकारो के डीएफओ रजनीश कुमार, आईआईआई टी धनबाद के डीन राम माधव, कोल इंडिया मानकीकरण समिति सदस्य आरपी सिंह, सीसीएल जेसीएससी सदस्य कमलेश सिंह,नरेश मंडल, रोहित कुमार, सीसीएल सेफ्टी बोर्ड सदस्य रविन्द्र सिंह, विकास कुमार,अरुण सिंह,समाजिक कार्यकर्ता काशीनाथ चटर्जी, समीर दास, मुन्ना झा, डॉ आस्था वर्मा समेत काफी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Advertisement
वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट कोल इंडिया लिमिटेड के 10 वर्षों का उत्पादन और प्रेषण के बारे में वित्तीय वर्षवार जानें These are the top 5 most affordable diesel SUVs in the country, priced under Rs 10 lakh. Check out: