एलआईसी की इस पॉलिसी के जरिए परिवार के सदस्य के लिए की जा सकती है हर माह पेंशन की व्यवस्था

एलआईसी जीवन अक्षय पॉलिसी के तहत पॉलिसीधारक को केवल एक बार किश्त देने के बाद जीवनभर पेंशन का लाभ उठाने का मौका मिलता है। जी हां तो अगर आप बिना जोखिम के सुरक्षित निवेश की प्लानिंग कर रहे हैं तो एलआईसी की जीवन अक्षय पॉलिसी में निवेश कर सकते हैं। इस पॉलिसी के जरिए आप अपने लिए या परिवार के किसी सदस्य के लिए हर महीने पेंशन की व्यवस्था कर सकते हैं।

जान‍िए कौन कर सकता है निवेश

यह एक एन्यूटी प्लान है लिहाजा इसमें एकमुश्त निवेश कर पेंशन लाभ दिया जाता है। इस पॉलिसी की शर्तों की बात करें तो 30 से 85 साल का कोई भी भारतीय व्यक्ति निवेश कर सकता है। न्यूनतम सालाना पेंशन 12 हजार रुपये तय की गई है इसके लिए न्यूनतम एक लाख रुपये का एकमुश्त निवेश अनिवार्य है। अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। पॉलिसी जारी करने की तारीख से 3 महीने बाद लोन सुविधा भी इसके जरिए मिलती है एक परिवार के कोई भी दो सदस्य इसमें ज्वाइंट एन्यूटी ले सकते हैं। वार्षिक, अर्धवार्षिक, तिमाही और मासिक आधार पर पेंशन पा सकते हैं। इस पॉलिसी में पेंशन पाने के 10 अलग-अलग विकल्प मौजूद होते हैं।

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पेंशन पाने के 10 अलग-अलग विकल्प

विकल्प ए : इमेडिएट एन्यूटी फॉर लाइफ के जरिए निवेश के तुरंत बाद ही पेंशन का लाभ मिलने लगता है। यह लाभ तब तक मिलता है जब तक पॉलिसीधारक की मृत्यु नहीं हो जाती। इस विकल्प में एक शर्त यह है कि पॉलिसीधारक को डेथ बेनिफिट नहीं दिए जाते।

विकल्प बी : 5 साल की गारंटेड पीरियड के साथ इमेडिएट एन्युटी और उम्रभर भुगतान। इस विकल्प के तहत पॉलिसीधारक को जिंदगीभर पेंशन तो मिलती है लेकिन इसमें 5 साल की गारंटेड पीरियड के साथ नॉमिनी को फायदा मिलता है। मान लीजिए अगर कोई इस विकल्प के साथ पॉलिसी में निवेश करता है तो उसे आजीवन पेंशन तो मिलेगी लेकिन पांच साल के भीतर मृत्यु हो जाने पर नॉमिनी को पेंशन मिलेगी। नॉमिनी को पेंशन पॉलिसी के पांच साल पूरा हो जाने तक मिलेगी।

इसी तरह ‘सी’ विकल्प में भी मृत्यु की स्थिति में नॉमिनी को 10 साल (पॉलिसी पूरे होने तक), ‘डी’ विकल्प में 15 साल और ‘ई’ विकल्प में 20 साल तक पेंशन मिलेगी।

विकल्प एफ : परचेज प्राइस के रिटर्न के साथ उम्रभर एन्युटी का भुगतान। इस विकल्प के तहत पॉलिसीधारक जब तक जीवित रहेगा तबतक पेंशन का भुगतान होगा। मृत्यु होने पर परचेज प्राइस को नॉमिनी को रिटर्न कर दिया जाएगा।

विकल्प जी : सालाना 3 फीसदी के साधारण ब्याज के साथ उम्रभर एन्युटी का भुगतान। यह विकल्प बिल्कुल ऑप्शन ‘ए’ की तरह ही है। इसमें फर्क सिर्फ इतना है कि हर साल पेंशन का अमाउंट तीन फीसदी बढ़ता जाएगा।

विकल्प एच: प्राथमिक वार्षिकी करने वाले की मृत्यु पर सेकंडरी एन्युटीएंट को 50 फीसदी एन्युटी देने के प्रोविजन के साथ उम्र भर ज्वॉइंट लाइफ इमेडिएट एन्युटी। यानी इस ऑप्शन के तहत पॉलिसीधारक पेंशन पाने के लिए एक और शख्स को एड कर सकता है। इसके तहत पॉलिसीधारक को आजीवन पेंशन मिलेगी लेकिन मृत्यु होने पर दूसरे शख्स (जिसे एड किया गया हो) को आधी पेंशन मिलने लगेगी।

विकल्प आई : किसी एक एन्युटीएंट के ज्यादा सर्वाइव करने पर 100 फीसदी एन्युटी देने के प्रोविजन के साथ उम्र भर ज्वॉइंट लाइफ इमेडिएट एन्युटी। यह बिल्कुल ऑप्शन ‘एच’ की तरह ही इसमें फर्क सिर्फ इतना है कि दूसरे शख्स को उतनी ही पेंशन मिलेगी जितनी की पॉलिसीधारक को जीवित रहते मिल रही थी।

विकल्प जे: किसी एक एन्युटीएंट के ज्यादा सर्वाइव करने पर 100 फीसदी एन्युटी देने और लास्ट सर्वाइवर की डेथ पर परचेज प्राइस रिटर्न करने के प्रोविजन के साथ उम्र भर ज्वॉइंट लाइफ इमेडिएट एन्युटी। इसके तहत भी दो लाइफ की कवरेज मिलती है। यानी की पॉलिसीधारक अपने साथ एक और शख्स को पेंशन पाने के लिए (पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में) जोड़ सकता है। वहीं पॉलिसीधारक और दूसरे शख्स की मृत्यु के बाद नॉमिनी को पेंशन मिलती है। इस पॉलिसी में निवेश कर आप हर महीने 6 हजार रुपये पेंशन हासिल कर सकते हैं। इसके लिए आपको 916200 रुपये एकमुश्त जमा करना होगा और इसके साथ ही प्रति महीने पेंशन विकल्प ए को चुनना होगा।

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मिलेगा 6 हजार रुपये महीना पेंशन

अगर कोई व्यक्ति 68 साल की उम्र में इस पॉलिसी में निवेश करता है और 900000 का सम एश्योर्ड चुनता है तो उसे कुल 916200 रुपये का एक प्रीमियम भरना होगा। इसके बाद प्रति माह 6859 रुपये की पेंशन मिलेगी। जबक‍ि वार्षिक 86265 रुपये, अर्धवार्षिक 42008 रुपये, और तिमाही आधार पर 20745 रुपये म‍िलेगी। बता दें कि यह पेंशन तब तक मिलेगी जब तक की पॉलिसीधारक की मृत्यु नहीं हो जाती।