RBI: द्विमासिक मौद्रिक नीति घोषणा, लेकिन ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया

भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आज मुम्‍बई में बैंक की द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्‍मति से रेपो दर चार प्रतिशत और रिवर्स रेपो दर तीन दशमलव तीन पांच प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला किया है। उन्‍होंने कहा कि समिति ने मुद्रास्‍फीति को नियंत्रण में रखने के लिए समायोजित नीति को बनाये रखने और अर्थव्‍यवस्‍था पर कोविड के प्रभाव को कम करने के प्रयास जारी रखने का फैसला लिया है। श्री दास ने बताया कि सीमांत स्थायी सुविधा दर और बैंक दर 4 दशमलव दो-पांच प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहेगी।

पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान खाद्यान्न के रिकॉर्ड उत्पादन का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे अनाज की कीमतों में कमी आएगी। रिजर्व बैंक के गर्वनर ने कहा कि चालू वित्‍त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्‍पाद की वृद्धि दर साढे दस प्रतिशत पर बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम में तेजी और निवेश तथा विकास में सुधार के उपायों से विकास दर में वृद्धि को बल मिलेगा।

मौद्रिक नीति समिति का मानना था कि वस्‍तुओं की अन्‍तर्राष्‍ट्रीय कीमतों में बढोत्‍तरी और उनकी ढुलाई पर अधिक खर्चे के कारण मुद्रास्‍फीति पर दबाव बनता है। श्री दास ने कहा कि हाल के सप्ताहों में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी यदि बरकरार रहती है तो इससे उत्‍पादन लागत पर दबाव कम होगा।

उन्‍होंने कहा कि आर्थिक पुनरूद्धार के लिए यह जरूरी है कि कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाया जाये। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रमुख बुनियादी ढांचागत क्षेत्रों में सार्वजनिक निवेश के बढने से अर्थव्‍यवस्‍था को बल मिलेगा। श्री दास ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में तेजी और पिछले वित्‍त वर्ष के दौरान रिकॉर्ड अनाज उत्‍पादन अर्थव्‍यवस्‍था के लिए अच्‍छे संकेत हैं।