Tuesday, July 21, 2026
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मिला BMS प्रतिनिधिमंडल, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मुद्दों पर हुई चर्चा

आयुध निर्माणी (Ordnance Factory) के लगभग 65 हजार कर्मचारियों को नियमित सरकारी सेवा में पुनर्नियोजित किए जाने के निर्णय को ऐतिहासिक बताया

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नई दिल्ली। सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर भारतीय मजदूर संघ (BMS) तथा उससे संबद्ध कर्मचारी संगठनों के 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए सरकार द्वारा किए गए कर्मचारी-हितैषी फैसलों की सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से पूर्व आयुध निर्माणी (Ordnance Factory) के लगभग 65 हजार कर्मचारियों को नियमित सरकारी सेवा में पुनर्नियोजित किए जाने के निर्णय को ऐतिहासिक बताया। उनका कहना था कि आयुध निर्माणी बोर्ड के पुनर्गठन के बाद यह फैसला हजारों कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला साबित हुआ है।

इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय मजदूर संघ (BMS), भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS), Government Employees National Confederation (GENC), Public Sector Employees National Confederation, SHAR Employees Trade Union तथा Space Employees Association के प्रतिनिधि शामिल थे। ये संगठन रक्षा प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक उपक्रमों, वैज्ञानिक संस्थानों और विभिन्न केंद्रीय सरकारी सेवाओं के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

बैठक के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कर्मचारी संगठनों की रचनात्मक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए हितधारकों के साथ नियमित संवाद आवश्यक है। इससे शासन व्यवस्था मजबूत होती है और कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है।

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प्रतिनिधिमंडल ने Empowered Group of Ministers (EGoM) के सदस्य के रूप में डॉ. जितेंद्र सिंह की उस भूमिका की भी प्रशंसा की, जिसके तहत पूर्व आयुध निर्माणी कर्मचारियों की डीम्ड डेपुटेशन अवधि को सेवानिवृत्ति तक बढ़ाने का समर्थन किया गया। बाद में इन्हें नियमित सरकारी सेवा में समायोजित किए जाने से लगभग 65 हजार कर्मचारियों को दीर्घकालिक सेवा सुरक्षा मिली।

बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए। इनमें अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ, कैरियर प्रगति, कैडर संबंधी विषय तथा कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों पर व्यापक स्तर पर परामर्श की आवश्यकता प्रमुख रही।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और सरल बनाने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे अनावश्यक मुकदमों में कमी आएगी तथा कर्मचारियों से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित होगा। साथ ही, कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद जारी रखने पर भी जोर दिया गया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वास्तविक मांग पर संबंधित मंत्रालयों और विभागों के माध्यम से गंभीरता से विचार किया जाता है तथा प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाने के लिए कर्मचारी संगठनों के सुझावों का स्वागत किया जाता है।

बैठक के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार भविष्य में भी कर्मचारी हितैषी सुधारों को आगे बढ़ाएगी और सेवा शर्तों, पेंशन व्यवस्था तथा कार्मिक प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद बनाए रखेगी। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात रखने का अवसर देने के लिए डॉ. जितेंद्र सिंह का आभार भी व्यक्त किया।

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