कोरबा : कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए केवल पूजा करने वाले व्यक्ति को छठ घाट जाने की अनुमति

कोरबा (IP News). कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने केवल पूजा करने वाले व्यक्ति को छठ घाट जाने की अनुमति प्रदान कर दी है। छठ पूजा करने जाने वाले व्यक्ति को कोविड प्रोटोकाॅल का सख्ती से पालन करना होगा। कलेक्टर ने पूर्वांचल सर्व समाज विकास समिति कोरबा के निवेदन के आधार पर कोविड-19 प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए केवल पूजा करने वाले व्यक्ति को पूजा स्थल में जाने की अनुमति प्रदान की है।

कलेक्टर ने इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिये हैं। कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशानुसार छठ घाट या पूजा स्थल पर जाने वाले व्यक्ति को शासन द्वारा जारी कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करना होगा। छठ घाट पर पूजा करने वाले व्यक्तियों को आगे पीछे, अगल-बगल में पर्याप्त फिजिकल डिस्टेंस सुनिश्चित करना होगा। छह फिट की दूरी सुनिश्चित करके छठ पूजा को सम्पन्न करने के निर्देश दिये गये हैं। पूजा स्थल में एंट्री-एक्जिट प्वाइंट और काॅमन एरिया में टच फ्री मोड में सेनेटाइजर रखना अनिवार्य होगा। पूजा स्थल में प्रवेश के समय प्रत्येक व्यक्ति का हाथ सेनेटाइजर से सेनेटाइज करने या धोने तथा थर्मल स्केनिंग किया जाना अनिवार्य होगा। काॅमन एरिया में छह फिट की दूरी के मार्कर बनाया जाना अनिवार्य होगा। प्रत्येक व्यक्ति के लिये मास्क पहनकर फिजिकल, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।

कलेक्टर द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार खुले मैदान, तालाब, नदी में पूजा की गतिविधियों के संचालन करते समय दो व्यक्तियों के बीच छह फिट की दूरी होना आवश्यक होगा। छठ घाट या पूजा स्थल पर कोरोना के लक्षण रहित व्यक्तियों को ही भाग लेने की अनुमति होगी। सार्वजनिक पूजा स्थल या छठ घाट में कोरोना के लक्षण जैसे- सर्दी, खांसी, बुखार वाले लोगों का कार्यक्रम स्थल में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। छठ घाट, पूजा स्थल, सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटका खाकर एवं अन्यथा थुकना मना रहेगा। कार्यक्रम के आयोजक आगंतुकों द्वारा छोड़े गये मास्क, फेस कवर, दस्तानों को मेडिकल वेस्ट मानते हुए नियमानुसार उसका समुचित निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

आयोजन स्थल पर कहीं भी प्रसाद वितरण, भोज-भण्डारा करने की अनुमति नहीं होगी। कंटेनमेंट जोन में किसी भी प्रकार की धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। पूजा स्थल पर जाने के कारण किसी व्यक्ति का संक्रमित हो जाने पर ईलाज का सम्पूर्ण खर्च छठ पर्व आयोजकों, समितियों द्वारा किया जाएगा। शासन द्वारा समय-समय पर जारी कोविड-19 संबंधी प्रोटोकाॅल का पालन करना अनिवार्य होगा। शासन द्वारा जारी निर्देशों के उल्लंघन करने पर एपिडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकुल नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।