कोलकाता। IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में अधिकारियों के वेतन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार E-1 ग्रेड के अधिकारियों का न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाकर ₹71,040 किए जाने की व्यवस्था की गई है। इस फैसले को लेकर कोयला क्षेत्र में 12वीं जेबीसीसीआई (JBCCI-XII) के गठन और आगामी वेतन समझौते को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
इसे भी पढ़ें: Coal India में Executive भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, अब सभी नए अधिकारी E1 ग्रेड से होंगे भर्ती
दस्तावेज में उल्लेख है कि कोल इंडिया के अधिकारियों के संशोधित वेतनमान में विसंगति को लेकर मामला सामने आया था। इसमें बताया गया कि अधिकारियों के वेतनमान को लेकर संबंधित स्तरों पर समीक्षा की गई और E-1 से E-7 तक के वेतनमान में संशोधन का निर्णय लिया गया।
E-1 ग्रेड का न्यूनतम मूल वेतन ₹71,040
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक E-1 ग्रेड के अधिकारियों का न्यूनतम मूल वेतन ₹71,040 किया गया है। इस बदलाव को अधिकारियों के वेतनमान में लंबे समय से चली आ रही विसंगति से जोड़कर देखा जा रहा है।
बताया गया है कि 11वीं जेबीसीसीआई के बाद कोल इंडिया के कुछ अधिकारियों के वेतन में विसंगति की स्थिति बनी थी। इसी को लेकर अधिकारियों की ओर से न्यायालय का रुख किए जाने की बात भी सामने आई है।
वेतन विसंगति का मामला कोर्ट तक पहुंचा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार 11वीं जेबीसीसीआई के लागू होने के बाद अधिकारियों और गैर-अधिकारियों के वेतन ढांचे के बीच तुलना को लेकर सवाल उठे। इसी क्रम में अधिकारियों के वेतन से जुड़ा मामला न्यायालय तक पहुंचा।
अब कोल इंडिया द्वारा E-1 ग्रेड के न्यूनतम मूल वेतन को ₹71,040 किए जाने के फैसले को इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालांकि, इस फैसले को सीधे तौर पर 12वीं जेबीसीसीआई के गठन का आधिकारिक निर्णय कहना उचित नहीं होगा। 12वीं जेबीसीसीआई के गठन के लिए अलग से निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित पक्षों की कार्रवाई आवश्यक होगी।
12वीं जेबीसीसीआई को लेकर क्यों बढ़ी उम्मीद?
कोयला कामगारों के लिए जेबीसीसीआई वेतन समझौते का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। 11वीं जेबीसीसीआई के बाद अधिकारियों के वेतन ढांचे को लेकर सामने आई विसंगतियों के समाधान की दिशा में यह फैसला एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
अब कोयला कर्मचारी संगठनों की नजर इस बात पर रहेगी कि अधिकारियों के वेतन ढांचे से जुड़ा यह संशोधन आगे 12वीं जेबीसीसीआई की प्रक्रिया को किस तरह प्रभावित करता है।
कामगार संगठनों के लिए आगामी जेबीसीसीआई का गठन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों के गैर-अधिकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, सुविधाओं और अन्य सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होनी है।
वेतन संरचना में संतुलन पर बढ़ेगा दबाव
E-1 ग्रेड के न्यूनतम मूल वेतन को ₹71,040 किए जाने के बाद कोयला क्षेत्र में अधिकारी और गैर-अधिकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे को लेकर चर्चा और तेज होने की संभावना है।
इसे भी पढ़ें: कोल अफसरों की Salary पर DPE का शिकंजा! E1 से E7 तक Pay Structure में बदलाव पर उठे सवाल
कामगार संगठनों की ओर से लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि वेतन संरचना में ऐसा संतुलन होना चाहिए जिससे कर्मचारियों के वेतन और अधिकारियों के शुरुआती वेतन के बीच उचित अंतर बना रहे।
ऐसे में 12वीं जेबीसीसीआई के गठन और उसके बाद होने वाली वेतन वार्ता पर कोल इंडिया के लाखों कर्मचारियों की निगाहें टिकी रहेंगी।
- Join the IndustrialPunch WhatsApp Group:Click here
- industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join









