राज्यों को 50 साल के लिए 12,000 करोड़ रुपए का लोन देने का ऐलान

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए डिमांड बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया है। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ऐसे कुछ प्रपोजल पेश किए हैं जिनसे मांग बढ़ सकती है। फाइनेंस मिनिस्टर की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस GST काउंसिल की बैठक से पहले हो रही है। जानिए कंज्यूमर डिमांड बढ़ाने के लिए फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने आज क्या ऐलान किए हैं।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने LTA (Leave Travel Concession) कैश वाउचर स्कीम पेश की है ताकि कंज्यूमर डिमांड को बढ़ावा दिया जा सके।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 4 साल के ब्लॉक में भी छूट देने का ऐलान किया गया है। अब केंद्रीय कर्मचारियों के पास दो विकल्प होंगे। अब 4 साल में एक बार देश में कहीं भी और एक बार अपने होमटाउन जा सकते हैं।

दूसरा विकल्प ये है कि केंद्रीय कर्मचारी दो बार अपने होमटाउन जाकर LTA कैश का फायदा ले सकते हैं।

अभी तक केंद्रीय कर्मचारी 4 साल में एकबार LTA का फायदा लेते हुए कहीं घूमने जा सकते थे।

कर्मचारियों को उनके पे-स्केल के हिसाब से एयर या रेल का किराया रीइंबर्स किया जाएगा। इसके साथ ही 10 दिन का लीव इनकैशमेंट (पे+DA) मिलेगा।

फाइनेंस मिनिस्टर ने कंज्यूमर डिमांड बढ़ाने के लिए दो तरह के प्रस्ताव पेश किए हैं

-LTA कैश वाउचर स्कीम (LTC Cash Voucher Scheme)

-स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम (Special Festival Advance Scheme)

LTA कैश वाउचर स्कीम (LTC Cash Voucher Scheme) के तहत सरकारी कर्मचारी तीन बार टिकट का किराया और लीव एनकैशमेंट लेकर कुछ ऐसा सामान खरीद सकते हैं जिसपर 12 फीसदी GST लगता हो। इसके लिए सिर्फ डिजिटल ट्रांजैक्शन ही वैलिड माना जाएगा और GST इनवॉयस मुहैया कराना होगा।

अगर केंद्र सरकार के कर्मचारी ये विकल्प चुनते हैं तो इसकी लागत 5675 करोड़ रुपए होगी। सरकारी बैंकों और कंपनियों के कर्मचारियों के लिए इस स्कीम की लागत 1900 करोड़ रुपए होगी।

सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को LTC के टिकटों पर टैक्स छूट मिलेगा।

एडवांस वैल्यू के लिए कर्मचारियों को प्री लोडेड रूपे कार्ड मिल सकता है। इसमें बैंक चार्ज का भार सरकार उठाएगी। कर्मचारियों को वह नहीं चुकाना होगा।

स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम

इस स्कीम के तहत नॉन गजटेड और कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। सभी केंद्रीय कर्मचारी 10,000 रुपए का लोन ले सकते है। इस पर कोई ब्याज नहीं चुकाना होगा। इसकी शर्त बस यही होगी कि यह पैसा 31 मार्च 2021 से पहले खर्च करना होगा। यह रकम प्री-पेड रुपे कार्ड के तौर पर मिलेगी।

राज्यों को 50 साल के लिए लोन 

राज्यों को 50 साल के लिए स्पेशल इंटरेस्ट फ्री लोन दिया जाएगा। इसका पहला हिस्सा 2500 करोड़ रुपए का होगा। इसमें से 1600 करोड़ रुपए नॉर्थ ईस्ट को दिया जाएगा। बाकी के 900 करोड़ रुपए उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को दिए जाएंगे।

दूसरे पार्ट के तहत 7500 करोड़ रुपए दूसरे राज्यों को दिया जाएगा। इस रकम का बंटवारा राज्यों के बीच फाइनेंस कमीशन में राज्यों की हिस्सेदारी के आधार पर तय किया जाएगा।

50 साल के इंटरेस्ट फ्री लोन का तीसरा हिस्सा 2000 करोड़ रुपए का होगा। यह उन राज्यों को दिया जाएगा जो आत्म निर्भर फिस्कल डेफेसिट पैकेज के 4 रिफॉर्म्स में से 3 शर्तों को पूरा कर रहे हों।

फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि वन-टाइम स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम में 4000 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। अगर राज्य सरकारों ने यह रकम खर्च कर ली तो और 8000 करोड़ रुपए डिस्बर्स किया जाएगा।

केंद्र सरकार 50 साल के लिए 12,000 करोड़ रुपए का जो लोन दे रही है उसमें पहला और दूसरा हिस्सा इंटरेस्ट फ्री होगा। लेकिन इस रकम को 31 मार्च 2021 तक खर्च करना होगा। इसका 50 फीसदी हिस्सा पहले दिया जाएगा। उसके इस्तेमाल होने के बाद बाकी का 50 फीसदी दिया जाएगा।

ये 12,000 करोड़ रुपए का इंटरेस्ट फ्री लोन कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए दिया गया है। यह रकम राज्यों की लोन लेने की सीमा से अलग दिया गया है। 50 साल के बाद किस्तों में इस लोन का रीपेमेंट करना है।