GST काउंसिल की बैठक के बाद बोलीं निर्मला सीतारमण- बाजार से कर्ज नहीं ले सकती केंद्र सरकार

नई दिल्‍ली : केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि राज्यों के जीएसटी राजस्व में कमी की भरपाई के लिए केंद्र सरकार बाजार से कर्ज नहीं उठा सकती, क्योंकि इससे बाजार में कर्ज की लागत बढ़ सकती है। जीएसटी काउंसिलक की बैठक के बाद उन्‍होंने कहा कि राज्यों के जीएसटी राजस्व में आने वाली कमी की भरपाई के तौर तरीकों को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई है।

जीएसटी काउंसिल की बैठक क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। इसमें क्षतिपूर्ति को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी काउंसिल की यह लगातार तीसरी बैठकी रही, जिसमें जीएसटी राजस्व में कमी की क्षतिपूर्ति को लेकर चर्चा की गई। बाद में संवादाताओं को संबोधित करते हुए वित्‍त मंत्री ने कहा कि राजस्व में कमी की भरपाई के तरीकों पर सहमति नहीं बन पाई।

जीएसटी काउंसिल की बीते सप्‍ताह हुई बैठक में कार, तंबाकू जैसे विलासिता या अहितकर उत्पादों पर जून 2022 के बाद भी उपकर लगाने का फैसला लिया गया था। चालू वित्त वर्ष में जीएसटी क्षतिपूर्ति राजस्व में 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी रहने का अनुमान है। केंद्र सरकार ने अगस्त में राज्यों को दो विकल्प दिया है। पहले विकल्‍प के तहत जहां रिजर्व बैंक के द्वारा 97 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के लिए विशेष सुविधा दिए जाने का प्रस्‍ताव रखा गया है, वहीं दूसरे विकल्‍प के तहत 2.35 लाख करोड़ रुपये बाजार से जुटाने का प्रस्ताव रखा गया है।

केंद्र सरकार का कहना है कि जीएसटी क्षतिपूर्ति राजस्व में अनुमानित कमी में महज 97 हजार करोड़ रुपये के लिए जीएसटी क्रियान्वयन जिम्मेदार है, जबकि शेष कमी का कारण कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुए हालात हैं।