Tuesday, August 25, 2026
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BMS नेता रेड्डी के लिए पेंशन फंड की मीटिंग नहीं सीटिंग है ज्यादा महत्वपूर्ण, दिल्ली की बैठक में यह हुआ

29 जुलाई को कोयला मंत्री द्वारा बुलाई गई मीटिंग कम डिनर में ऐसा हुआ था। यहां रेड्डी जी पहुंचे जरूर, लेकिन कुछ देर इधर उधर टहल कर चले गए।

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नई दिल्ली, 30 सितम्बर। सोमवार को पेंशन फंड को स्थिरता प्रदान करने संबंधी उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। यह बैठक कोयला खान भविष्य निधि संगठन (CMPFO) ने बुलाई थी। उच्च स्तरीय समिति का गठन सीएमपीएफओ के न्यासी परिषद ने किया है।

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बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता कोयला मंत्रालय के अपर सचिव ने की। बताया गया है कि बैठक में सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि पेंशन फंड को चलाने की जवाबदारी कोल इंडिया लिमिटेड प्रबंधन की है।

इधर, उच्च स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक से दो ट्रस्टी सदस्य अनुपस्थित रहे। ये सदस्य थे भारतीय मजदूर संघ (BMS) के नेता के. लक्ष्मा रेड्डी और आशीष कुमार मूर्ति। इन दोनों नेताओं के बैठक में नहीं आने की वजह चौंकाने वाली है।

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सूत्रों ने बताया गया है कि CMPFO की सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर बीएमएस के दोनों नेता इस मीटिंग में नहीं पहुंचे। दरअसल सीएमपीएफओ के गजट के अुनसार बीएमएस के कोल प्रभारी के. लक्ष्मा रेड्डी चौथे नम्बर पर हैं। लिहाजा जब भी बैठक होती है तो गजट के अनुसार ही प्रबंधन बैठक व्यवस्था करता है। बताया गया है कि श्री रेड्डी को चौथे नम्बर पर बैठना गवारा नहीं है। वे पहले नम्बर पर बैठना चाहते हैं। इसके पहले भी रेड्डी कई बैठकों में सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर रूठ चुके हैं।

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29 जुलाई को कोयला मंत्री द्वारा बुलाई गई मीटिंग कम डिनर में ऐसा हुआ था। यहां रेड्डी जी पहुंचे जरूर, लेकिन कुछ देर इधर उधर टहल कर चले गए। सवाल यह उठाता है कि क्या बीएमएस नेताओें के लिए पेंशन फंड की स्थिरता का मुद्दा महत्वपूर्ण है या सीटिंग व्यवस्था।

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