कोरबा। IndustrialPunch : छत्तीसगढ़ के Hasdeo Thermal Power Station (HTPS), Korba West के 4×210 MW यानी 840 MW के पुराने Thermal Power Plant को फिलहाल Retirement से राहत मिली हुई है। लगभग चार दशक से लगातार बिजली उत्पादन कर रहा यह प्लांट मार्च 2030 तक संचालन में बनाए रखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
HTPS Korba West की अंतिम यूनिट मार्च 1986 में Commission हुई थी। CSPGCL के अनुसार प्लांट ने लगभग 40 वर्षों तक लगातार संतोषजनक सेवा दी है। इससे पहले इसे 2024-25 तक Retirement के लिए निर्धारित किया गया था।
Retirement की तैयारी से Operation जारी रखने तक
पहले Space Constraint के कारण Environmental Control System (ECS) लगाने में कठिनाई को देखते हुए HTPS Korba West की Units को Retirement के लिए निर्धारित किया गया था। लेकिन Post-Covid बिजली की मांग में वृद्धि और बड़े पैमाने पर Renewable Energy Integration की चुनौती को देखते हुए Ministry of Power ने Thermal Plants को मार्च 2030 तक Retire नहीं करने का निर्देश दिया।
इसी Government Directive के अनुपालन में 4×210 MW HTPS Korba West का संचालन जारी है।
840 MW Plant को Life Extension का सहारा
CSPGCL के नियामकीय दस्तावेज के अनुसार, चारों Units ने लगभग 40 वर्ष पूरे कर लिए हैं और अब Plant के संचालन को जारी रखने के लिए आवश्यक Capital Works तथा Renovation-related activities पर ध्यान दिया जा रहा है।
CEA ने भी HTPS Korba West की 4×210 MW Units को Renovation & Modernisation/Life Extension (R&M/LE) के लिए संभावित Units में शामिल किया है।
Special Allowance से होंगे जरूरी काम
CSPGCL ने FY 2026-27 से FY 2029-30 की अवधि के लिए HTPS Korba West के लिए ₹10.75 लाख प्रति MW प्रति वर्ष Special Allowance का प्रावधान मांगा है। नियामकीय दस्तावेज के अनुसार यह राशि Plant में आवश्यक need-based rolling renovation तथा संबंधित कार्यों के लिए उपयोग की जानी है।
पुराने Plant की अहम भूमिका
HTPS Korba West को CSPGCL के दस्तावेज में राज्य के लिए कम लागत वाली बिजली उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण Plant बताया गया है। ऐसे समय में जब बिजली की मांग बढ़ रही है और Renewable Energy को Grid में बड़े स्तर पर integrate किया जा रहा है, पुराने Thermal Units को बनाए रखना Grid Reliability के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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