वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सरकार की मदद के लिए की 150 करोड़ रुपए की आपात स्वास्थ्य सहायता की घोषणा, 10 स्थानों पर होगी अत्याधुनिक ’फील्ड अस्पतालों’ की व्यवस्था

मुंबई। देश में खनिज, तेल और गैस की प्रमुख उत्पादक कंपनी वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कोविड-19 की दूसरी लहर से राहत एवं बचाव हेतु देश में सहायता के लिए 150 करोड़ के योगदान की घोषणा की है। पिछले वर्ष वेदांता समूह द्वारा 201 करोड़ रूपयों का सहयोग किया गया था।

भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे पुरजोर प्रयासों के सहयोग की दिशा में वेदांता लिमिटेड देश के 10 शहरों में 1,000 क्रिटिकल केयर बेड की व्यवस्था करेगा। ये बेड मान्यता प्राप्त और प्रतिष्ठित चिकित्सालयों के साथ मिल कर बनाए जाएंगे। कोविड केयर के लिए स्थापित प्रत्येक जगह पर 100 बेड होगें जो कि वातानुकूलित एवं बिजली की सुविधायुक्त होगें। क्रिटीकल केयर में 90 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट एवं 10 बेड वेंटिलेटर सपोर्ट सुविधायुक्त होगें।

वेदांता के चैयरमेन अनिल अग्रवाल ने इस पहल के लिये कहा कि ‘‘ मैं कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रभाव और बहुमूल्य जीवन को खोने के बारे में गहराई से चिंतित और दुःखी हूं। महामारी से लड़ने की हमारी प्रतिबद्धता के लिए वेदांता समूह 150 करोड़ रुपये के योगदान के साथ आगे आया हैं और हम इस कठिन परिििस्थ्त में समुदाय और सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं। हमारा मानना है कि घातक कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों के लिए अतिरिक्त बुनियादी व्यवस्थाओं को तुरंत स्थापित किया जाएगा जिससे राहत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि वेदांता हमारे कर्मठ डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण भी प्रदान करेगा। हम इस संकट से उबरने में हर संभव प्रयास करते रहेंगे।’’

क्रिटिकल केयर बेड की अतिरिक्त क्षमता छत्तीसगढ़, राजस्थान, ओडीशा, झारखंड, गोवा, कर्नाटक और दिल्ली-एनसीआर राज्यों में बनाई जाएगी। कंपनी द्वारा पहले चरण में 14 दिनों में प्राथमिक सुविधाओं और शेष सुविधाओं को 30 दिनों में प्रारंभ कर दिया जाएगा। वेदांता द्वारा प्रांरभ की गयी ये सुविधाएं कम से कम 6 माह तक जारी रहेगी।

वेदांता स्थानीय स्तर पर सरकारी निकायों और प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सुविधा और देखभाल उपलब्ध कराई जा सके। कंपनी वर्तमान में अपने व्यावसायिक स्थानों पर कोविड के रोगियों के लिए लगभग 700 बेड का सहयोग कर रही है जिसे जल्द ही बढ़ाकर 1,000 कर दिया जाएगा।

इस बीच, हिंदुस्तान जिंक, ईएसएल और सेसा गोवा आयरन ओर बिजनेस ने वेदांता केयर पहल के तहत कोविड -19 रोगियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम बढ़ाया है। हिन्दुस्तान जिंक वर्तमान में प्रति दिन 5 टन ऑक्सीजन की (100 प्रतिशत लिक्विड ऑक्सीजन क्षमता) की आपूर्ति कर रहा है जो चिकित्सा उपचार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है और इसे 2-3 टन बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है। सेसा गोवा आयरन ओर बिजनेस गोवा राज्य सरकार और अस्पतालों को प्रतिदिन 3 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहा है जबकि वेदांता समूह की स्टील निर्माता कंपनी ईएसएल ने लिक्विड मेडिकल आक्सीजन के लिए बोकारो के पास अपना प्लांट पंजीकृत किया है जिससे 10 टन प्रतिदिन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी।

स्टरलाइट कॉपर को अपने तूतीकोरिन संयंत्र से ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिल गई है। स्टरलाइट कॉपर के ऑक्सीजन प्लांट में प्रतिदिन 1,000 टन ऑक्सीजन का उत्पादन करने की क्षमता है।

वेदांता अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए टीकाकरण हेतु टीके की उपलब्धता के लिये उत्पादकों से संपर्क में है। अब तक 5,000 से अधिक कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों का टीकाकरण किया जा चुका है और हम आने वाले दिनों में पूरे वेदांता परिवार और हमारे व्यापारिक साझेदारों को शामिल करेगें।

कंपनी ने छत्तीसगढ़, राजस्थान, ओडिसा, झारखंड, कर्नाटक और उत्तरप्रदेश में डॉक्टर ऑन कॉल की सुविधा के साथ नंद घर समुदायों के लिए एक टेलीमेडिसिन कार्यक्रम शुरू किया है। सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए अपोलो हॉस्पीटल के साथ एक अनवरत समर्पित हेल्पलाइन भी स्थापित की गई है।

बीते वर्ष वेदांता ने कोविड संकट के मद्देनजर 201 करोड़ रुपये का योगदान दिया था। इस योगदान ने वेदांता के तीन विशिष्ट क्षेत्रों देश में दैनिक वेतन श्रमिकों की आजीविका, अपने सभी कर्मचारियों और संविदा भागीदारों को उनके संयंत्र स्थानों पर निवारक स्वास्थ्य देखभाल और सहायता सम्मिलित है।

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