छत्तीसगढ़- कोरबा : ग्राम सभाओं में जंगल और हाथियों के संरक्षण का प्रस्ताव पारित कराया, एक सप्ताह बाद ही कोल ब्लाॅक के लिए जंगल को उजाड़ने सहमति लेने ग्राम सभा हो रही

कोरबा (IP News). यह भी अजीब खेल है। एक तरफ हाथियों सहित जंगल, जमीन के संरक्षण के लिए गांधी जयंती के दिन ग्राम सभाओं का आयोजन कर संकल्प पारित किया गया। इधर, दूसरी ओर कोयला खदान के लिए जंगल को उजाड़ने ग्राम सभाओं का आयोजन हो रहा है। यानी एक समय पर एक जंगल और हाथियों को बचाने प्रस्ताव पारित किया गया और दूसरा प्रस्ताव जंगल को उजाड़ने और हाथियों की बेदखली के लिए प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

यहां बताना होगा कि छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ग्राम पंचायत पचरा, पाथा पोड़ी उपरोड़ा, बांगो, कोनकोना, एतमानगर, गुरसिंया, रिंगनिया, गुडरुमुड़ा, आमाटिकरा, बंजारी, मड़ई, सलिहाभाठा, मानिकपुर, कुटेशरनगोई, बरतराई, भांवर, कटोरीनगोई, लमना, केंदइई, खिरटी, अरसियां, नवापारा, गिद्धमुरी, मदनपुर, पतुरियाडांड, धजाक, लालपुर, परला, मोरगा, साखो में 2 अक्टूबर, 2020 को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में लेमरू हाथी अभयारण्य के लिए सहमति हेतु प्रस्ताव पारित किए गए। ग्राम सभाओं के आयोजन के लिए जनपद पंचायत, पोड़ी उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 1 अक्टूबर को पत्र जारी किया गया था।

दूसरी ओर जनपद पंचायत, पोड़ी उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 7 अक्टूबर, 2020 को ग्राम पंचायत मोरगा, खिरटी में 9 एवं 10 अक्टूबर को ग्राम सभा आयोजित किए जाने पत्र जारी किया गया। यह ग्राम सभा मदनपुर साउथ कोल ब्लाॅक के लिए जमीन देने अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए की जा रही है। मदनपुर साउथ कोल ब्लाॅक का आबंटन आंधप्रदेश मिनरल डेव्हलपमेंट कारपोरेशन कंपनी लिमिटेड को हुआ है।