दिल्ली हाईकोर्ट में पीआईएल दायर: सुशांत की मौत के मामले में अर्णब की रिपोर्टिंग भ्रामक होने का दावा

दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया गया है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में पत्रकार अर्णब गोस्वामी और उनके चैनल तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर गुमराह कर रहे हैं, जिससे अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का हनन हो रहा है।

जनहित याचिका (पीआईएल) के जरिये यह अनुरोध किया गया है कि केंद्र को आपराधिक मामलों में जांच से जुड़े सभी समाचारों के नियमन के लिए रिपोर्टिंग या प्रसारण संबंधी नियम, कायदे बनाने या दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया जाए। याचिका मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ के समक्ष शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध थी। हालांकि, पीठ ने याचिकाकर्ताओं को अगली तारीख 27 नवंबर को कुछ सुझावों के साथ आने को कहा, जिनमें यह जानकारी दी जाए कि अपराध के मामलों में जांच से जुड़ी रिपोर्टिंग के नियमन के लिए किसी तरह के नियम बनाए जा सकते हैं।

याचिका के जरिये गोस्वामी और उनके चैनल के खिलाफ सुशांत की मौत के मामले में कथित तौर पर ‘‘नुकसान पहुंचाने वाली रिपोर्टिंग’’ करने को लेकर अवमानना कार्यवाही शुरू करने का भी अनुरोध किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि उक्त पत्रकार और टीवी चैनल सुशांत की लिव इन पार्टनर रहीं रिया चक्रवर्ती को निशाना बना रहे हैं और अभिनेत्री के खिलाफ जनता की राय बनाने के लिए ‘‘जज, जूरी और सजा देने वाले’’ की तरह बर्ताव कर रहे हैं।