विश्व के टॉप 50 सल्फर डाइऑक्साइड हाॅटस्पाॅट में 10 भारत में मौजूद, सिंगरौली 6वें नम्बर पर, नेवेली 14वें और कोरबा की रैंक 17वीं

कोरबा (IP News). पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत ग्रीनपीस ने गुरुवार को सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन से संबंधित अध्ययन रिपोर्ट जारी की है। विश्वभर में सर्वाधिक मानवजनित सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जित करने वाले 50 हाॅटस्पाॅट का चिन्हांकन किया गया है। नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के आंकड़ों के एक विश्लेषण के अनुसार, ओएमआई (ओजोन मॉनिटरिंग इंस्ट्रूमेंट) उपग्रह द्वारा एसओ2 हाॅटस्पाॅट का पता लगाया जाता है। इस सूची के अनुसार भारत में 10 हाॅटस्पाॅट हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बीते चार वर्षों में भारत में सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 6 फीसदी की गिरावट आई है। 2019 में भारत में पूरे विश्व का 21 फीसदी so2 उत्सर्जित हुआ।

रूस का नोरिल्स्क स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स दुनिया में एसओ2 उत्सर्जन का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट है। यहां 1833 किलो टन एसओ2 का उत्सर्जन दर्ज किया गया। आॅयल व गैस की वजह से एसओ 2 की बड़ा मात्रा निकलती है। दूसरे नम्बर पर साउदी अरब का रबीक है। तीसरे स्थान पर ईरान का जागरोज है।

भारत में प्रमुख so2 उत्सर्जन हॉटस्पॉट मध्य प्रदेश का सिंगरौली है। 2019 में यहां 429 किलो टन एसओ2 का उत्सर्जन हुआ। सिंगरौली एसओ2 उत्सर्जन के मामले में विश्व रैंकिंग में छठवें नम्बर पर है। तमिलनाडु का नेवेली, छत्तीसगढ़ का कोरबा, ओडिशा का तालचेर, आंध्रप्रदेश का विशाखापत्तनम, गुजरात का मुंद्रा, गुजरात का कच्छ, महाराष्ट्र का कोराड़ी, तमिलनाड की राजधानी चेन्नई, महाराष्ट्र का चंद्रपुर भी हाॅटस्पाफट की सूची में शामिल हैं। भारत के इन स्थानों पर एसओ2 का उत्सर्जन केायला से हो रहा है। विश्लेषण के अनुसार, भारत में अधिकतर विद्युत संयंत्रों में वायु प्रदूषण कम करने के लिए फ्लु-गैस डिसल्फराइजेशन तकनीक का अभाव है।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने कोयला बिजली संयंत्रों पर सख्त कार्रवाई का आह्वान किया है। उनका कहना कि इन संयंत्रों को देश में प्रदूषण फैलाते रहने और आपात स्थिति पैदा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। वायुमंडल में so2 का सबसे बड़ा स्रोत बिजली संयंत्रों और अन्य औद्योगिक इकायों में जीवाश्म ईंधनों का जलना है।
सल्फर डाइऑक्साइड मानव के स्वास्थ्य पर विनरित प्रभाव डाती है। इससे हृदय रोग, फेफड़े के कैंसर जैसी द्यातक बिमारियों का खतरा रहता है।

देखें रिपोर्ट:

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