मंत्रिमंडल ने पीवी मॉड्यूल, एलईडी तथा एयर कंडीशनर उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना-राष्ट्रीय उच्च दक्षता सोलर फोटो वोल्टेइक-पीवी मॉड्यूल कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। इसके लिए 45 अरब रुपये का आवंटन किया गया है। राष्ट्रीय उच्च दक्षता सोलर फोटो वोल्टेइक-पीवी मॉड्यूल कार्यक्रम से विद्युत जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में आयात पर निर्भरता घटेगी और आत्मनिर्भर भारत अभियान को समर्थन भी मिलेगा।

आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संवाददाताओं को बताया कि इस योजना से समेकित सोलर पीवी विनिर्माण संयंत्रों की क्षमता में दस हजार मेगावाट की वृद्धि होगी। इससे सोलर फोटो वोल्टेइक विनिर्माण में करीब एक खरब 72 अरब रुपये का प्रत्यक्ष निवेश होगा। श्री गोयल ने कहा कि इससे करीब तीस हजार लोगों को प्रत्यक्ष और करीब एक लाख बीस हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

सोलर क्षमता में वृद्धि फिलहाल मोटे तौर पर आयातित सोलर पीवी सेल्स और मॉ़ड्य़ूल्स पर निर्भर है, क्योंकि इस क्षेत्र में घरेलू विनिर्माण उद्योग की क्षमता सीमित है। पारदर्शी प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए सोलर पीवी विनिर्माताओं का चयन किया जाएगा। उच्च दक्षता सोलर पीवी मॉड्यूल्स की बिक्री पर विनिर्माण संयंत्रों के चालू होने के बाद पांच वर्ष तक उत्पादन से जुड़ा प्रोत्साहन दिया जाएगा।

सोलर पीवी मॉड्यूल की उच्च दक्षता और घरेलू बाजार से कच्चा माल लेने वाले विनिर्माताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इस तरह मॉड्यूल की दक्षता में वृद्धि और मूल्य संवर्धन में वृद्धि के साथ प्रोत्साहन की राशि भी बढ़ जाएगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने व्हाइट गुड्स – एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना को भी स्वीकृति दी। इसके लिए 62 अरब 38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय बाधाओं को दूर करने, बचत तथा दक्षता सुनिश्चित करने के जरिए भारत में वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी विनिर्माण करना है। इस योजना से वैश्विक निवेश बढने, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होने और निर्यात में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की संभावना है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि व्हाइट गुड्स के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट के विनिर्माण में लगी कम्पनियों को पांच वर्ष की अवधि तक भारत में विनिर्मित सामान की वृद्धिशील बिक्री पर चार से छह प्रतिशत प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस योजना से एमएसएमई सहित अनेक वैश्विक और घरेलू कम्पनियों को लाभ होने की संभावना है।

श्री गोयल ने कहा कि पांच वर्ष की अवधि में इस योजना से उनासी अरब बीस करोड़ रुपये का वृद्धिशील निवेश होने के साथ ही एक लाख 38 हजार करोड़ रुपये का वृद्धिशील उत्पादन होगा तथा छह खरब 44 अरब रुपये के सामान का निर्यात होगा। श्री गोयल ने कहा कि इस योजना से अतिरिक्त चार लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे।