सिंगरौली। IndustrialPunch: नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) मुख्यालय परिसर में 30 सितंबर 2026 को हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों के आवागमन को कथित रूप से रोकने और गेट बंद किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। NCL मुख्यालय के संयुक्त मोर्चा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने और मोरवा थाने में FIR दर्ज कराने की मांग की है।
1 अक्टूबर 2026 को NCL मुख्यालय, सिंगरौली की ओर से महाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध) को सौंपे गए ज्ञापन में संयुक्त मोर्चा ने 30 सितंबर की घटना पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है।
गेट पर ताला लगाने और कर्मचारियों को रोकने का आरोप
ज्ञापन के अनुसार, 30 सितंबर को कार्यालय समय समाप्त होने के बाद विस्थापन मंच के धरनारत पदाधिकारियों/समर्थकों द्वारा NCL मुख्यालय के सभी गेटों पर इस प्रकार अवरोध उत्पन्न किया गया कि कर्मचारियों को परिसर से बाहर निकलने में कठिनाई हुई। संयुक्त मोर्चे ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर गेट पर ताला लगाए जाने के साथ वैकल्पिक रास्तों पर भी आवागमन बाधित किया गया।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि स्थिति इतनी गंभीर थी कि महिला कर्मचारियों को भी परिसर से बाहर निकलने से रोकने की स्थिति उत्पन्न हुई।
कंपनी अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार का भी आरोप
संयुक्त मोर्चे ने एक कंपनी अधिकारी के बाहर निकलने के दौरान उनके साथ कथित अभद्र एवं अनुचित व्यवहार किए जाने का भी उल्लेख किया है। मोर्चे का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा एवं गरिमा को प्रभावित करने के साथ-साथ औद्योगिक शांति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।
संयुक्त मोर्चा ने रखीं ये प्रमुख मांगें
- 30 सितंबर 2026 की पूरी घटना की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- NCL मुख्यालय के गेटों एवं परिसर में उपलब्ध CCTV फुटेज सुरक्षित कराया जाए तथा घटना में शामिल लोगों की पहचान की जाए।
- गेट बंद करने, कर्मचारियों का रास्ता रोकने और वैकल्पिक मार्गों को बाधित करने वाले लोगों की भूमिका की जांच की जाए।
- महिला कर्मचारियों सहित किसी भी कर्मचारी को उनकी इच्छा के विरुद्ध परिसर में रोके जाने की घटना की गंभीरता से जांच हो।
- कंपनी अधिकारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार की अलग से जांच कराई जाए।
- उपलब्ध साक्ष्यों एवं CCTV फुटेज के आधार पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
- संयुक्त मोर्चे ने मोरवा थाना में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
छह संगठनों का संयुक्त मोर्चा
यह ज्ञापन NCL मुख्यालय के संयुक्त मोर्चा की ओर से दिया गया है, जिसमें RCSS (INTUC), BKKSS (BMS), KSS (HMS), CMS (AITUC), OBC Association और CITUEA (CITU) से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हैं।
मोर्चे ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि कर्मचारी शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने के अधिकार का समर्थन करते हैं, लेकिन किसी कर्मचारी का रास्ता रोकना, उसे जबरन परिसर में रोकना अथवा अधिकारी-कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार करना स्वीकार्य नहीं है।
Industrial relations पर भी उठाए सवाल
संयुक्त मोर्चे का कहना है कि ऐसी घटनाओं का प्रभाव केवल संबंधित कर्मचारियों या अधिकारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि औद्योगिक शांति और स्वस्थ औद्योगिक संबंधों पर भी पड़ता है। मोर्चे ने NCL प्रबंधन से मामले में त्वरित कार्रवाई और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
- Join the IndustrialPunch WhatsApp Group:Click here
- industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to









