रेलवे की कमाई बढ़ाने के लिए केंद्र का बड़ा फैसला, पैसेंजर के बाद अब मालगाड़ियों का होगा निजीकरण

भारतीय रेल की कमाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल निजी रेलगाडियों को हरी झंडी दिखाई थी। इसी आधार पर अब सरकार और रेल मंत्रालय निजी मालगाड़ियों को भी चलाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। महाराष्ट्र टाइम्स में सूत्रों के हवाले से खबर छापी है कि ये निजी मालगाड़ियां डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर यानी डीएफसी पर चलाई जायेंगी। इन मालगाड़ियों में सभी सामानों की ढुलाई की जायेगी।

रेल मंत्रालय ने देश में करीब 2800 किलोमीटर के डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर 2022 तक पूर्ण होने की अपेक्षा व्यक्त की है। इन दोनों कोरोडोर पर अधिकाधिक सामानों के परिवहन करने वाली मालगाड़ियों  को चलाने का सरकार का विचार है। इस मार्ग पर दो मंजिला कंटेनर ट्रेन भी चलाई जायेगी। इन्हीं मार्गों पर निजी मालगाड़ी भी चलाये जाने की संभावना है।

टाटा, अदानी, महिंद्रा जैसे उद्योगपति खरीद सकते हैं खुद की  मालगाड़ी

रेल बोर्ड के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार स्टील, लोहा, वस्त्रोद्योग और वाहन उद्योग से संबंधित उद्योगपतियों को आकर्षित करने के लिए विशेष नीति लागू की जायेगी। संबंधति उद्योगपतियों को उनकी खुद की मालगाड़ी खरीदने पर उन्हें कच्चा माल और अन्य वस्तुओं की ढुलाई करना सस्ता होने की संभावना है। इस प्रकार स्वयं की मालगाड़ी खरीदने वाले उद्योगपतियों में टाटा, अदानी, महिंद्रा और मारुति उद्योग समूहों का समावेश होने की संभावना है।

मार्च 2022 तक कुल 2800 किलोमीटर के डीएफसी मार्ग तैयार करने की रेल बोर्ड की योजना

रेल बोर्ड से दी गई जानकारी के अनुसार निजी मालगाड़ियां चलाने के लिए आवश्यक डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर यानी डीएफसी का निर्माण विभिन्न चरणों में किया जा रहा है। फिलहाल कुछ जगहों पर काम चल रहा है। कुछ स्थानों पर काम खतम होने के कगार पर है। सूत्रों के अनुसार मार्च 2022 तक कुल  2800 किलोमीटर के डीएफसी मार्ग तैयार करने की रेल मंत्रालय की योजना है।

अभी ये सुविधा सिर्फ कंटेनर ट्रेन तक ही सीमित

फिलहाल रेल मंत्रालय ने निजी क्षेत्रों को मालगाड़ी चलाने की अनुमति दी है लेकिन ये सुविधा सिर्फ कंटेनर ट्रेन तक ही सीमित है। इसके द्वारा सीमित मात्रा में सामनों की ढुलाई की जाती है। रेल मंत्रालय के अनुसार यदि निजी कंटेनर ऑपरेटर को सभी प्रकार के सामानों की ढुलाई की अनुमति दी गई तो रेलवे की ढुलाई से इनका कंपटीशन होने की संभावना भी है।

अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स सेक्टर की कंपनियां ले सकती हैं रुचि

सूत्रों के अनुसार रेलवे द्वारा दीर्घ कालिक करार किये जाने के बाद अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स सेक्टर की कंपनी निजी मालगाड़ियों की सेवा देने के लिए आगे आ सकते हैं। फिलहाल रेलवे में कंटेनर ट्रेन चलाई जाती हैं। लेकिन ये गाड़ियां केवल स्टील और पत्थर के कोयले की ढुलाई तक सीमित हैं। इस प्रकार की मालगाड़ियों की संख्या भी काफी कम है। जिसकी वजह से निजी कंपनियों और उद्योगपतियों को इस सेक्टर में आकर्षित किये जाने संभावना है।