भारत-बांग्लादेश की अटूट दोस्ती का संदेश देगी ‘मैत्री साइकिल रैली’

बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्म शताब्दी समारोह मुजीब बोरशो के मौके पर सीमा सुरक्षा बल ने मैत्री साइकिल रैली का आयोजन किया. पश्चिम बंगाल से शुरू हुई और भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित इलाक़ों से गुजरने वाली ये रैली 6 राज्यों से होकर जाएगी.

साइकिल रैली का मकसद सीमावर्ती इलाकों के लोगों में सुरक्षा भाव पैदा करना और साथ ही सीमा सुरक्षा बल एवं बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश में मित्रता बढ़ाना है. बांग्लादेश और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के साथ अपनी एकजुटता दिखाने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने रैली का आयोजन किया है.

इस साइकिल रैली में 13 साइकिल सवार भाग ले रहे हैं. यह रैली 66 दिनों में पूरी होगी और 6 राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम से 4,097 किलोमीटर की यात्रा करते हुए भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ चलेगी. यह रैली प्रत्येक दिन 90-100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ सीमा चौकियों पर रात्रि विश्राम करेगी.

सीमा सुरक्षा बल द्वारा विभिन्न सीमा चौकियों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय सरकारी अधिकारी और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग शामिल होंगे, जो साइकिल सवारों को प्रोत्साहित करेंगे.

साइकिल रैली को पश्चिम बंगाल में स्थित बॉर्डर आउट पोस्ट पानीतर से  शंकर राय चौधरी, पीवीएसएम, एवीएसएम (सेवानिवृत्त) ने रविवार सुबह हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर जनरल चौधरी ने बीएसएफ के प्रयासों की सराहना की और इस रैली को ऐतिहासिक करार दिया.

इस साइकिल रैली का उद्देश्य भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपराधों को रोकने के लिए बॉर्डर पर रहने वाले लोगों को जागरूक करना, नशाखोरी को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करना और पशु तस्करी को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना है. पश्चिम बंगाल से शुरू रैली 17 मार्च, 2021 को बीओपी सिल्कोर, 60वीं वाहिनी, मिजोरम में समाप्त होगी. भारत और बांग्लादेश दो पड़ोसी देशों में सांस्कृतिक, सामाजिक समानता हैं और सच्चे साथी के रूप में कामरेडशिप का प्रदर्शन करते रहे हैं.