मुंबई, 24 जून। महाराष्ट्र का सियासी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य की राजनीति में आगे क्या होगा इसको लेकर अटकलों का दौर जारी है। लोगों के जेहन में उठ रहे इस सवाल का जवाब नहीं मिल पा रहा है कि ठाकरे सरकार रहेगी या नहीं।

इधर, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अब आक्रामक रूख अपनना शुरू कर दिया है। शिवसेना को एकजुट रखने की तमाम कोशिशें की जा रही हैं। वे शिवसैनिकों से निरंतर संवाद कर रहे हैं।

उद्धव ठाकरे ने कहा, “कांग्रेस-NCP आज हमारा समर्थन कर रही है,शरद पवार और सोनिया गांधी ने हमारा समर्थन किया लेकिन हमारे ही लोगों ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा।हमने ऐसे लोगों को टिकट दिया जो जीत नहीं सकते थे और हमने उन्हें विजयी बनाया। उन्हीं लोगों ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा। कुछ दिन पहले मुझे शक हुआ तो मैंने एकनाथ शिंदे को फोन किया और कहा, शिवसेना को आगे ले जाने का अपना कर्तव्य निभाओ, ऐसा करना सही नहीं है। उन्होंने मुझसे कहा NCP-कांग्रेस हमें खत्म करने की कोशिश कर रही है और विधायक चाहते हैं कि हम BJP के साथ जाएं। मैंने उनसे कहा जो विधायक ये चाहते हैं उन्हें मेरे पास लाओ। भाजपा, जिसने हमारी पार्टी, मेरे परिवार को बदनाम किया, वही है जिसके साथ जाने की आप बात कर रहे हैं। ऐसा सवाल ही नहीं उठता। विधायक अगर वहां जाना चाहते हैं तो वे सभी जा सकते हैं। अगर कोई जाना चाहता है – चाहे वह विधायक हो या कोई और – आओ और हमें बताओ और फिर जाओ। अगर आपको लगता है कि मैं बेकार हूं और पार्टी चलाने में असमर्थ हूं, तो मुझे बताएं। मैं खुद को पार्टी से अलग करने के लिए तैयार हूं। आपने अब तक मेरा सम्मान किया क्योंकि बालासाहेब ने ऐसा कहा था। अगर आप कहते हैं कि मैं अयोग्य हूं तो मैं अभी पार्टी छोड़ने को तैयार हूं। जिन्होंने हमें छोड़ दिया उनके पास भाजपा में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। भाजपा सिर्फ एक चीज चाहती है- शिवसेना को खत्म करना। जब हिंदुत्व के नाम पर भाजपा और शिवसेना को अछूत माना जाता था और कोई भी भाजपा के साथ जाने को तैयार नहीं था, बालासाहेब ने कहा कि हिंदुत्व वोटों का विभाजन नहीं होना चाहिए। हम भाजपा के साथ रहे और अब इसका खामियाजा भुगत रहे हैं”।

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