कोरबा, 12 जुलाई (IndustrialPunch Desk) : नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट (NCWA)- XII के लिए ज्वाइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर द कोल इंडस्ट्री (JBCCI)- XII के गठन की मांग अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है। NCWA- XI की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक नई वेतन वार्ता के लिए JBCCI- XII का गठन नहीं होने से कोयला उद्योग के लाखों कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। ऐसे में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), उसकी सभी अनुषांगिक कंपनियों तथा सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) के कर्मचारियों की निगाहें अब JBCCI- XII के गठन पर टिकी हैं, क्योंकि इसी समिति के माध्यम से NCWA- XII पर वेतन, भत्तों और अन्य सेवा शर्तों को लेकर द्विपक्षीय वार्ता शुरू होगी।
चार केंद्रीय यूनियनों की संयुक्त रणनीति
हिंद मजदूर सभा (HMS), इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) और ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने JBCCI- XII के शीघ्र गठन को लेकर संयुक्त मोर्चा बना लिया है। इन चारों संगठनों ने 1 जुलाई को पूरे कोयला उद्योग में “मांग दिवस” मनाते हुए विभिन्न परियोजनाओं और मुख्यालयों में प्रदर्शन किया था।
अब आंदोलन के अगले चरण की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, चारों केंद्रीय यूनियनों के शीर्ष नेताओं की वर्चुअल बैठक अगले कुछ दिनों में आयोजित होगी। यह बैठक पहले 13 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया है।
मुख्यालयों का घेराव, फिर रांची में महाकन्वेंशन
बताया जा रहा है कि चारों यूनियन संयुक्त रूप से कोल इंडिया और उसकी अनुषांगिक कंपनियों के मुख्यालयों के सामने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और घेराव की रणनीति तैयार कर रही हैं।
इसके अलावा 11 सितंबर को रांची में एक विशाल राष्ट्रीय मजदूर कन्वेंशन आयोजित करने की तैयारी भी की जा रही है, जिसमें देशभर के कोयला मजदूर प्रतिनिधि भाग लेंगे।
यूनियन नेताओं का कहना है कि यदि इन आंदोलनों के बावजूद भी कोल इंडिया प्रबंधन द्वारा JBCCI- XII का गठन नहीं किया गया, तो अगला कदम देशव्यापी हड़ताल हो सकता है।
BMS ने अपनाई अलग रणनीति
दूसरी ओर, भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (ABKMS) ने इस मुद्दे पर अलग रणनीति अपनाई है। संगठन ने 25 से 30 जून के बीच JBCCI- XII के गठन की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन चलाया था।
इसके बाद 7 जुलाई को बिलासपुर में आयोजित बैठक में आंदोलन के अगले चरण का खाका तैयार किया गया। निर्णय के अनुसार 17 से 23 अगस्त तक विभिन्न कोयला क्षेत्रों में जनजागरण अभियान, मजदूर सम्मेलन, गेट मीटिंग और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों को JBCCI- XII के महत्व से अवगत कराया जा सके और प्रबंधन पर दबाव बनाया जा सके।
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क्यों अहम है JBCCI- XII का गठन?
JBCCI (Joint Bipartite Committee for the Coal Industry) वह सर्वोच्च द्विपक्षीय मंच है, जहां कोल इंडिया प्रबंधन और केंद्रीय ट्रेड यूनियनें National Coal Wage Agreement (NCWA) पर बातचीत करती हैं। इसी समिति में वेतन संशोधन, भत्ते, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सेवा शर्तों पर निर्णय लिए जाते हैं।
चूंकि NCWA- XI की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है, इसलिए JBCCI- XII का शीघ्र गठन कोयला उद्योग के लाखों कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
यदि आने वाले दिनों में इस दिशा में सकारात्मक पहल नहीं होती, तो कोयला उद्योग में वेतन वार्ता का मुद्दा बड़े औद्योगिक आंदोलन का रूप ले सकता है।
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