“तारुण्य वार्ता” के जरिए बस्तर के किशोर बालक- बालिकाओं को सशक्त बनाने का प्रशिक्षण देने तैयार हो रहे ट्रेनर

 यूनिसेफ व भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ का संयुक्त आयोजन

रायपुर, 16 नवम्बर 2021. किशोर अवस्था वाली बालिकाओं एवं बालकों को कैसे सशक्त बनाया जाए, उनमें आने वाले शारीरिक व मानसिक बदलाव आदि विषय को लेकर बस्तर संभाग के चयनित शिक्षकों एवं अन्य प्रतिनिधियों को “तारुण्य वार्ता” कार्यशाला के जरिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। मंगलवार को कांकेर में तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।

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यह आयोजन यूनिसेफ व भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में हो रहा है। “तारुण्य वार्ता” कार्यशाला में बस्तर संभाग के सात जिलों के अंतर्गत आने वाले 32 विकासखंड से शिक्षक सहित अन्य प्रतिनिधियों की भागीदारी हो रही है। इसमें भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला संगठन आयुक्त तथा स्काउट गाइड के प्रशिक्षक भी सम्मिलित हो रहे हैं। कार्यशाला में सम्मिलित होने वाले प्रतिनिधियों द्वारा अपने क्षेत्रों में जाकर किशोर अवस्था वाले बालक व बालिकाओं को विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

कांकेर स्थित डाइट के सभागृह में “तारुण्य वार्ता” कार्यशाला का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष एवं स्काउट गाइड के जिला मुख्य आयुक्त हेमंत ध्रुव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनिसेफ के डायरेक्टर कम्युनिटी डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट अभिषेक सिंह ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य सचिव कैलाश कुमार सोनी, सहायक संचालक लक्ष्मण कावडे, यूनिसेफ की प्रोजेक्ट ऑफिसर सुश्री नेहा, डाइट प्राचार्य श्री सोनवानी, यूनिसेफ की जिला समन्वयक रेहाना तबस्सुम उपस्थित थीं।

अभिषेक सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्यों को विस्तार से समझाया। मुख्य अतिथि श्री ध्रुव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किशोर आयु के बालक, बालिकाओं के जीवन कौशल को सशक्त बनाने का यूनिसेफ व भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का प्रयास सराहनीय है। राज्य सचिव कैलाश कुमार सोनी ने भी अपनी बात रखी। राज शेखर एवं केतन फ्रांसिस चाइल्ड स्पेशलिस्ट द्वारा बतौर मुख्य प्रशिक्षक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस कार्यशाला में किशोरी बालिकाओं को सशक्त बनाने हेतु विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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कार्यशाला में वाजिद खान, दंतेश्वरी तिवारी, अभिमन्यु कुमार, सीमा मुखर्जी, विवेक दास मानिकपुरी, राम भजन नेताम, सुरेश कोरेटी, कौशल गजभिए, बोधन साहू द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

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