देशव्यापी हड़ताल का बैंकों के कामकाज पर पड़ा बुरा असर, 18 हजार करोड़ के चेक अटके

26 नवंबर को दस ट्रेड यूनियन की तरफ से राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया। लेबर लॉ के विरोध में आयोजित इस हड़ताल में बैंक कर्मचारी भी शामिल हुए जिससे हजारों करोड़ का बैंकिंग कारोबार ठप हो गया। ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉयी यूनियन (AIBEA) के जनरल सेक्रेटरी सीएच वेंकटचलम ने कहा कि हड़ताल के कारण 2 मिलियन यानी 20 लाख चेक जिसकी वैल्यू करीब 18 हजार करोड़ रुपये है, क्लियरेंस के लिए नहीं जा सके।

AIBEA ने इस हड़ताल का समर्थन किया था। AIBEA के अंतर्गत तमाम बैंक आते हैं। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल नहीं है। यह 4 लाख बैंक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है।

ये राज्य रहे प्रभावित

हड़ताल के कारण महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, वेस्ट बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, केरल, बिहार और अन्य राज्यों के बैंकिंग ट्रांजैक्शन प्रभावित रहे। साइक्लोन के कारण तमिलनाडु सरकार ने प्रदेश के 16 जिलों में छुट्टी की घोषणा पहले ही कर दी थी।