कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन विभाग ने एनपीए के अंतर्गत आने वाले केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए अधिसूचना जारी की

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन विभाग ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के अंतर्गत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सेवाओं के मामलों को नियमित करने के लिए अधिसूचना जारी की है।

नई परिभाषित अंशदान आधारित पेंशन योजना वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने 22 दिसम्बर 2003 को अपनी अधिसूचना संख्या 5/7/2003 –ईसीबी के माध्यम से शुरू की थी। इसके बाद से पेंशन योजना के अंतर्गत चलने वाले सभी क्रियाकलाप – यथा पंजीकरण, अंशदान,निवेश, कोष प्रबंधन, निकासी, परिपक्वता इत्यादि का संचालन एवं नियमन पीएफआरडीए अधिनियम, 2013 के अनुसार किया जा रहा था।

हालांकि एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों की सेवाओं से जुड़े कई मामले ऐसे थे जो पीएफआरडीए अधिनियम में लागू नहीं होते थे। अतः एनपीएस के क्रियान्वयन को सुचारू बनाने के लिए एनपीएस कर्माचारियों के लिए अलग से सेवा नियमावली बनाने का प्रस्ताब आगे बढाया था।

अब जारी इस अधिसूचना में एनपीएस कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न लाभों/सुविधाओं को संसाधित करने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए है, जैसे कि पंजीकरण में और एनपीएस खाते में धनराशी जमा होने में विलम्ब होने पर क्षतिपूर्ति, सेवा काल में कर्मचारी की मृत्यु अथवा अपंगता की स्थिति में केन्दीय सचिवालय सेवा (सीसीएस)(पेंशन)नियमावली अथवा एनपीएस सेवा नियमावली के अनुसार लाभों का विकल्प चुनना,सेवा अवधि पूरी होने अथवा सेवा निवृत्ति के बाद देय लाभों के भुगतान, सेवाकाल पूर्ण होने से पहले ही सेवा निवृत्ति, स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति, स्वायत्त शशि निकाय अथवा किसी लोक उपक्रम की सेवा में विलय हो जाना इत्यादि।

अभी तक सरकार के एनपीएस कर्मचारियों को सेवाकाल में मृत्यु होने की स्थिति में अवैधानिक पेंशन, पारिवारिक पेंशन, अक्षमता पेंशन और असाधारण पेंशन का लाभ डीओपीपीडब्ल्यू के कार्यालय ज्ञापन संख्या 38/41/06 –पी एंड पीडब्ल्यू (ए) दिनांक 05.05.2009 के अनुपालन में 01 जनवरी 2004 से पहले के नियुक्त केन्द्रीय कर्मचारियों के सामान दिया जा रहा था। इसके बाद राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले सभी केन्द्रीय कर्मचारियों को डीओपीपीडब्ल्यू के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 26.08.2016 के अनुसार सीसीएस (पेंशन) नियमावली के अंतर्गत लागू नियमों के तहत सेवा निवृत्ति ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी के लाभ भी दे दिए गए थे।