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वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Power Plant) में 14 अप्रेल को हुए हादसे के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश पर वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, संयंत्र प्रमुख देवेंद्र पटेल सहित 10 लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने थाना डभरा में अपराध क्रमांक 119/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इस घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है। 16 घायलों का अलग- अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हादसे में कुल 36 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। घटना 14 अप्रेल की दोपहर 02ः33 बजे हुई थी।

शुरुआती जांच के अनुसार, बायलर फर्नेस के भीतर ईंधन का अत्यधिक संचय हो गया था। इससे उत्पन्न भीषण दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से उखड़ गया और गर्म गैस व मलबे की चपेट में आने से वहां काम कर रहे श्रमिक बुरी तरह झुलस गए।

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि वेदांता और मूल ठेका कंपनी एनजीएसएल ने सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की। उपकरणों के रखरखाव में बरती गई कोताही और संचालन में की गई उपेक्षा के कारण ही यह ’मानव निर्मित आपदा’ घटित हुई।

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स्पेशल टीम करेगी जांच

एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की है, जिसमें एसडीओपी सुमित गुप्ता, फोरेंसिक एक्सपर्ट सृष्टि सिंह और थाना प्रभारी राजेश पटेल शामिल हैं।

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