Tuesday, August 25, 2026
Home Industrial (हिंदी) कोल थू- थू हुई तो 48 घण्टे बाद एसईसीएल कुसमुंडा GM ने आदेश...

थू- थू हुई तो 48 घण्टे बाद एसईसीएल कुसमुंडा GM ने आदेश लिया वापस, जितेन्द्र नागरकर की मौत से जुड़ा मामला

इसके पहले 29 जुलाई को एक आदेश में महाप्रबंधक ने सहायक प्रबंधक (खनन) जितेन्द्र नागरकर को ही अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था।

Advertisement

कोरबा, 31 जुलाई। एसईसीएल (SECL) कुसमंडा महाप्रबंधक राजीव सिंह ने अपने उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें कार्य के दौरान मोबाइल पर गेम नहीं खेलने का हवाला देते हुए जितेन्द्र नागरकर को ही अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।

इसे भी पढ़ें : एसईसीएल कुसमुंडा GM ने सहायक प्रबंधक जितेन्द्र नागरकर को ही मौत का जिम्मेदार ठहराया

महाप्रबंधक ने 31 जुलाई, 2024 को एक दूसरा आदेश निकाला, जिसमें यह लिखा गया :

जांच के दौरान फ्रंट लाइन सुपरवाइजर के बयान के आधार पर इस कार्यालय से जारी कार्यालय आदेश संख्या SECL/GM/KA/24-25/84 दिनांक 29.07.2024 को वापस लिया जाता है तथा इसे अमान्य माना जाएगा।

Advertisement

इसके पहले 29 जुलाई को एक आदेश में महाप्रबंधक ने सहायक प्रबंधक (खनन) जितेन्द्र नागरकर को ही अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था। 27 जुलाई को खदान में तेज बारिश के बीच ओव्हर बर्डन में पानी के ओवर फ्लो होने के कारण लैंडस्लाइड की घटना हुई थी। इसमें जितेन्द्र नागरकर बह गए थे और उनकी मौत हो गई थी।

इसे भी पढ़ें : इन तीन राज्यों में है देश के कुल भंडार का 70 फीसदी कोयला, देखें राज्यवार आंकड़े :

इस आदेश को लेकर सोशल मीडिया में महाप्रबंधक की काफी आलोचना हुई। industrialpunch.com ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद 31 जुलाई को महाप्रबंधक ने अपने ही आदेश को अमान्य करते हुए इसे वापस ले लिया। बताया गया है कि एसईसीएल सीएमडी डा. पीएस मिश्रा ने जीएम कुसमुंडा के आदेश पर नाराजगी जाहिर की।

Advertisement
कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट