चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना महामारी आज पूरे देश में अपना पैर पसार चुका है। हर देश इस महामारी से अपने ही तरीके से लड़ने में जुटा हुआ है। वहीं अब कोरोना वैक्सीन ने पूरी दुनिया में एक साकारात्मक उम्मीद भी जगाई है। बता दें कि कोरोना वैक्सीन फाइजर का टीकाकरण अमेरिका, कनाडा, और पूरे यूरोप समेत कई देशों में लगाना शुरू हो चुका है जिसका अब असर धीरे-धीरे आने वाले साल 2021 में इंटरनेशनल ट्रैवल पर भी पड़ेगा।सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस तरीके से इंटरनेशनल ट्रैवल करते समय मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग अहम है वैसे ही अब वैक्सीन पासपोर्ट यानी डिजिटल हेल्थ पास होना भी अनिवार्य हो जाएगा।

अगले साल 2021 तक यह संभव है कि ट्रैवल करते समय चाहे किसी भी काम के लिए आप ट्रैवल कर रहे हो या मूवी थिएटर में एंट्री करते वक्त आपको अपना कोरोना स्टेटस दिखाना जरूरी होगा, साथ ही हेल्थ पास यानि की वैक्सीन पास की जगह आपको आने वाले साल में मोबाइल ऐप मिले जो कि एक वैक्सिनेशन कार्ड की तरह ही काम करेगा। इस ऐप में आपको कोरोना से संबधित सभी जानाकरियां, वैक्सीन की जानकारी सबकुछ अपलोड करना होगा जोकि आपसे ट्रैवल के दौरान पूछा जाएगा। यह ऐप बिल्कुल आरोग्य सेतू ऐप की तरह काम करेगा।

इसको लेकर अब आईबीएम ने भी डिजिटल हेल्थ पास नाम से ऐप बनाया है। एस ऐप का काम कंपनियों में हो रही एंट्री से लेकर तमाम जानकारियां उपलब्ध कराती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का इस ऐप को कारगार नहीं मान रहे है क्योंकि अब तक यकीनी तौर पर यह कहना संभव नहीं है कि जिन्हें कोविड हो चुका है, उन्हें दोबारा संक्रमण नहीं होगा। इसके साथ ही संगठन का यह भी कहना है कि हर वैक्सीन अलग तरीके से असर कर रहा है। जहां फाइजर 94 फीसदी कामगार है वहीं चीन की साइनोफार्म की वैक्सीन का असर केवल 86 फीसदी है। साथ ही यह ऐप केवल स्मार्टफोन पर ही मिल सकते हैं, जो कि सभी के पास होना संभव नहीं है।

  • Website Designing