कोलकाता, 31 अक्टूबर। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के 51वें स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत चेयरमैन पीएम प्रसाद और कार्यकारी निदेशकों द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। चेयरमैन ने ’कोल इंडिया ध्वज’ फहराया।
पीएम प्रसाद ने अपने स्वागत भाषण में पिछले पांच दशकों में कोल इंडिया की शानदार यात्रा पर प्रकाश डाला और कोयला उद्योग के दिग्गजों के अमूल्य योगदान के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 1975 में 79 मिलियन टन के मामूली उत्पादन से बढ़कर कोल इंडिया ने पिछले वित्तीय वर्ष में 781 मिलियन टन का उत्पादन हासिल कर लिया है।
उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि कोयला कम से कम अगले ढाई दशकों तक ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत बना रहेगा, उन्होंने जिम्मेदार और टिकाऊ कोयला उत्पादन पर जोर दिया।
साथ ही कहा कि सौर ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों, स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों और नवाचारों में विविधीकरण को आगे बढ़ाया गया है। यहां बताना होगा कि पीएम प्रसाद का 31 अक्टूबर को अंतिम कार्यदिवस है।
पूर्व चेयरमैन गोपाल सिंह ने भी अपनी बात रखी। निदेशक (मानव संसाधन), डॉ. विनय रंजन ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। इस अवसर पर निदेशक (विपणन), मुकेश चौधरी; निदेशक (वित्त), मुकेश अग्रवाल; निदेशक (तकनीकी), अच्युत घटक, निदेशक (व्यवसाय विकास) आशीष कुमार और मुख्य सतर्कता अधिकारी ब्रजेश कुमार त्रिपाठी सहित श्रमिक संगठनों पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
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