ईरान युद्ध के चलते पूरी दुनिया में कच्चे तेल और गैस की किल्लत हो गई है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। देश में LPG सिलेंडर के लिए लंबी लाइन लग रही है। इस बीच कोल इंडिया (CIL) ने देश में कोयले की आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
देश के कुल कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखने वाली कोल इंडिया ने एहतियाती कदम उठाते हुए चालू माह में 29 ई-नीलामी आयोजित करने की योजना बनाई है। इसके तहत लगभग 2.35 करोड़ टन कोयले की पेशकश की जाएगी।
कोयला मंत्रालय (Coal Ministry) ने बयान में कहा कि इन 29 नीलामियों में से 12 मार्च, 2026 से अब तक पांच नीलामी आयोजित की जा चुकी हैं। इनमें 73.1 लाख टन कोयले की पेशकश की गई थी, जिसमें से 31.96 लाख टन की बुकिंग हो चुकी है, जो ई-नीलामी में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता को दर्शाता है।
मंत्रालय के अनुसार, छोटे और मझोले उद्योगों को कोयला उपलब्ध कराने के लिए राज्य नामित एजेंसियों (एसएनए) के माध्यम से भी आवश्यक कार्रवाई की गई है। राज्य सरकारों से अतिरिक्त कोयले की आवश्यकता बताने का अनुरोध किया गया है ताकि ऊर्जा संकट से बचा जा सके।
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