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कोरबा, 14 अप्रेल (Industrial Punch Desk) : कोल सेक्टर की सबसे बड़ी यूनियन हिन्द मजदूर सभा (HMS) के नेता नाथूलाल पाण्डेय पर आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। लोन के तौर पर अपने एवं बेटों के स्वामित्व वाली कंपनी एवं अन्य को दो करोड़ 86 लाख रुपए दिए जाने का खुलासा किया गया है।

नाथूलाल पाण्डेय हिन्द मजदूर सभा से सम्बद्ध कोयला मजदूर सभा (KMS) के महासचिव हैं। श्री पाण्डेय द्वारा कोयला मजदूर सभा के फंड में गड़बड़ी किए जाने को लेकर इसकी शिकायत 7 जुलाई, 2025 को एचएमएस के राष्ट्रीय महासचिव को की गई थी। शिकायतकर्ता अमलेन्दु बिश्वास हैं। 29 सितम्बर, 2025 को आयोजित हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन की वर्किंग कमेटी की बैठक में नाथूलाल पाण्डेय के संदर्भ में प्रस्तुत की गई शिकायत पर जांच बिठाई गई। जांच की जवाबदारी कोयला मजदूर सभा, एसईसीएल के अध्यक्ष रेशम लाल यादव को सौंपी गई। रेशम लाल यादव ने तीन सदस्यीय कमेटी (हरि यादव, तरूण कुमार सहा, अख्तर जावेद उस्मानी) के साथ जांच प्रारंभ की।

जांच कमेटी ने 30 नवम्बर, 2025 को शिकायतकर्ता अमलेन्दु बिश्वास का बयान दर्ज किया। जांच कमेटी ने 3 दिसम्बर, 2025 को नाथूलाल पाण्डेय को बैंक पासबुक एवं अन्य दस्तावेज के साथ उपस्थित होने पत्र भेजा, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। जांच कमेटी द्वारा 20 दिसम्बर, 2025 एवं 13 मार्च, 2026 को भी नाथूलाल पाण्डेय को दस्तावेज के साथ अपना पक्ष रखने उपस्थित होने पत्र भेजा गया। नाथूलाल पाण्डेय द्वारा न तो कमेटी के समक्ष उपस्थिति दी गई और न ही कोई प्रतिक्रिया एवं जवाब प्रस्तुत किया गया। इसके बाद कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष को सौंप दी।

नाथूलाल पाण्डेय पर यह आरोप लगे

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कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय द्वारा पंजीयक, व्यवसायिक संघ, रायपुर को प्रस्तुत किए गए यूनियन के वार्षिक विवरण (रिटर्न) एवं ऑडिट रिपोर्ट को आरटीआई के तहत दस्तावेज के तौर पर प्राप्त किए गए थे। इसी दस्तावेज के साथ श्री बिश्वास ने शिकायत की थी। इस शिकायत में दो करोड़ 86 लाख रुपए की आर्थिक गड़बड़ी किया जाना बताया गया।

शिकायत के अनुसार नाथूलाल पाण्डेय ने आदित्य ट्रांसमूवर्स एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड तथा सरोज लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड, कटनी बाम्बे रोड कैरियर सहित अन्य को वर्ष 2010 से 2023 तक दो करोड़ 86 लाख रुपए का ऋण दिया जाना बताया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार आदित्य ट्रांसमूवर्स एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड में नाथूलाल पाण्डेय दिसम्बर 2010 से जलुई 2012 तक निदेशक थे। उनके बेटे हिमांशु, रमांशु और शिवांशु भी इस कंपनी में क्रमशः दिसम्बर 2010, जुलाई 2012, दिसम्बर 2010 से निदेशक हैं। इसी तरह सरोज लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड में भी नाथूलाल पाण्डेय (दिसम्बर 2009 से फरवरी 2013 तक) और उनके बेटे शिवांशु (दिसम्बर 2010 से जुलाई 2012 तक) निदेशक रहे हैं।

शिकायत में बताया गया कि यूनियन का फंड कोयला कामगारों से सदस्यता के रूप में मिला पैसा है। नाथूलाल पाण्डेय ने पद का दुरुपयोग करते हुए लाखों रुपए अपनी एवं बेटों की कंपनी को लोन दे दिया, जिसकी रिकवरी भी नहीं की गई। केवल डेढ़ लाख रुपए की ही अदायगी दर्शायी गई है। लोन की कुछ राशि माफ भी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार नाथूलाल पाण्डेय का यह कृत्य यूनियन के संविधान के विपरीत है। कोयला मजदूर सभा ब्याज में ऋण देने वाली लाइसेंसधारी संस्था नहीं है। लोन देने को लेकर कार्यसमिति से भी चर्चा नहीं की गई।

रेशम लाल यादव द्वारा प्रस्तुत जांच कमेटी की रिपोर्ट के प्रमुख अंश

  • रिटर्न में वार्णित ऋण प्राप्त करने वाली कंपनियों के डायरेक्टर भी कोयला मजदूर सभा के महासचिव कामरेड नाथूलाल पाण्डेय और उनके परिजन रहे हैं।
  • कोयला मजदूर सभा के संविधान में वर्णित उद्येश्यों से परे जाकर स्वंय और परिजनों के व्यवसाय को ऋण दिया जाना ट्रेड यूनियन के उद्देश्यों के विपरीत है।
  • इस तरह से सदस्यता राशि को पारिवारिक हित मे आर्थिक लेनदेन अपने आप में संस्था निधि का न्यासी द्वारा न्यास भंग करता है। अपने आप में यह कई विधियों का उल्लंघन है।
  • कामरेड नाथूलाल पाण्डेय महासचिव कोयला मजदूर सभा द्वारा बैंक एकाउंटस, फिक्स डिपाजिटस् मिनटस् उनके वितरण आदि उपलब्ध न कराए जाने से समिति द्वारा भारत सरकार की मिनिस्ट्री आफ कारपोरेट अफेयर्स की वेबसाइट मे जाकर डायरेक्टर आईडेन्टिफिकेशन नम्बर और कंपनी आईडेन्टिफिकेशन नम्बर से देखने पर उपलब्ध डाटा से इन कंपनियों के स्वामित्व की पुष्टि होती है। जैसा कि कामरेड अमलेंदु कुमार विश्वास ने अपनी शिकायत में वर्णित किया है।
  • उपरोक्त विवरण अनुसार यह निष्कर्ष है कि कामरेड नाथूलाल पाण्डेय महासचिव कोयला मजदूर सभा ने कोयला मजदूरों से ट्रेड यूनियन गतिविधियों से प्राप्त राशि को अपने और अपने परिजनों के स्वामित्व की कंपनियों को व्यावसायिक रूप से ऋण देते थे जिसकी कोई ब्याज दर नहीं थी न ही ब्याज प्राप्त कोयला मजदूर सभा को प्राप्त होने की कोई प्रविष्टि रिटर्नस में नहीं दर्शायी गई है। इस ऋण की राशि में से केवल एक वर्ष में रिटर्न मे ऋण वापसी डेढ़ लाख मात्र रुपए दिखाई गई। एक रिटर्न मे ऋण माफी भी लगभग डेढ़ लाख मात्र दर्शायी गई है। जबकि उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार कथित ऋण दो करोड़ छियासी लाख रुपए है। कोयला मजदूर सभा के एकाउंटस की व्यापक जांच होने से ही पूरी स्थिति की व्यापकता स्पष्ट हो सकती है।

नाथूलाल पाण्डेय ने क्या कहा

industrialpunch.com ने HMS नेता नाथूलाल पाण्डेय से 14 अप्रेल, 2026 को मोबाइल पर संपर्क आर्थिक अनियमितता की शिकायत, जांच, कंपनी को लेकर उनका पक्ष जानने चर्चा की। नाथूलाल पाण्डेय ने कहा कि रजिस्ट्रार (व्यवसायिक संघ) ने शिकायत पर अपना जवाब दे दिया है कि कोई गड़बड़ी नहीं है। श्री पाण्डेय ने एचएमएस की आंतरिक जांच कमेटी को बदमाशों की कमेटी बताते हुए इसे नकार दिया और कहा कि जांच करने का अधिकार केवल रजिस्ट्रार को है। रजिस्ट्रार ने दस्तावेज मंगाए थे। नाथूलाल पाण्डेय ने पहले तो यह कहा कि आदित्य ट्रांसमूवर्स एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड तथा सरोज लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड से उनका किसी प्रकार का लेना- देना नहीं है। जो डायरेक्टर हैं, वे उनके रिश्तेदार हैं। बाद में स्वीकार करते हुए कहा कि मैं या मेरा रिश्तेदार किसी कंपनी में डायरेक्टर नहीं हो सकता क्या। श्री पाण्डेय ने कहा कि यूनियन के रिटर्न, ऑडिट रिपोर्ट की जांच कर रजिस्ट्रार ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। रजिस्ट्रार ने कहा है कि आरोप निराधार हैं, कोई तथ्य नहीं पाए गए हैं। नाथूलाल पाण्डेय ने कहा कि यूनियन के संविधान में लोन देने का प्रावधान है और लोन की विधिवत रिकवरी हो चुकी है।

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Disclaimer : उक्त समाचार शिकायत पत्र, रजिस्ट्रार (व्यवसायिक संघ) को प्रस्तुत रिटर्न, ऑडिट रिपोर्ट, एचएमएस की आंतरिक कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार लिपिबद्ध किया गया। इससे संबंधित समस्त दस्तावेज industrialpunch के पास उपलब्ध हैं।

 

 

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