कोरबा, 15 अप्रेल (Industrial Punch Desk) : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार को वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Power Plant) में हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। मृतकों में 4 छत्तीसगढ़ और 15 यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से हैं।
इस कारण हुआ हादसा!
इधर, industrialpunch.com को संयंत्र सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बॉयलर से टरबाइन तक हाई- प्रेशर स्टीम ले जाने कोल्ड रीहीट लाइन (Cold Reheat Line) के 17वें मीटर में जोरदार ब्लॉस्ट हुआ। 17वें मीटर के बाद कोल्ड रीहीट (CRH) लाइन के 56वें मीटर पर भी ब्लॉस्ट हुआ। कोल्ड रीहीट लाइन हाई- प्रेशर स्टीम ले जाने वाली एक स्टील ट्यूब है। मौके पर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे।बताया गया है कि आसपास के स्ट्रक्चर में मजदूर पेंटिंग कार्य कर रहे थे, जो करीब 400 डिग्री तापमान वाले स्टीम की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। बताया गया है कि कोल्ड रीहीट लाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण ही ये विस्फोट के साथ फट गई। लाइन में दरार जैसी कोई क्षति रही होगी। इसका पता लगाना मुश्किल होता है। क्योंकि ये लाइन पूरी तरह आइसोलेटेड होती है। संयंत्र के प्रचालन और रखरखाव कार्य का ठेका NGSL के पास है। एनजीएसएल NTPC और GE की ज्वाइंट वेंचर कंपनी है।
प्रबंधन ने दिखाई तत्परता और संवेदना
वेदांता पावर प्लांट प्रबंधन ने झुलसे मजदूरों के इलाज में तत्परता दिखाई। हालांकि चार मजदूरों की मौत मौके पर हो गई थी, 15 ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 18 घायलों को अलग- अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को 35- 35 लाख रुपए की सहायता राशि के साथ नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15- 15 लाख रुपए दिए जाएंगे। घायल श्रमिकों के पूरी तरह ठीक होने तक उनके वेतन का भुगतान भी किया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा मृतकों के परिजनों को 2- 2 लाख और घायलों को 50 हजार देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा मृतकों के परिवारों को 5- 5 लाख रुपए तथा घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
वेदांता ने 2022 में अधिग्रहण किया था
यहां बताना होगा कि वेदांता लिमिटेड ने 2022 सक्ती जिले के सिंघीतराई गांव में स्थित एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड का अधिग्रहण किया था। उस वक्त यह संयंत्र अधूरा था। 1200 मेगावाट क्षमता वाले इस संयंत्र की 600 मेगावाट की एक इकाई बीते साल अगस्त में उत्पादन में आई। 600 मेगावाट की दूसरी इकाई का काम चल रहा है। एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड ने 2009 में संयंत्र का निर्माण शुरू किया था। 2016 से 2022 के बीच काम रुका रहा।
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