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रायपुर, 16 अप्रेल। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई में स्थित वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Power Plant) में हुए हादसे के बाद प्रशासनिक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों का निरीक्षण निरंतर हो रहा है। इस निरीक्षण में सेफ्टी प्रोटोकॉल (Safety Protocol) की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं।

वेदांता पावर प्लांट हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है। 16 घायलों का अलग- अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इधर, हादसे के बाद प्रशासनिक सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों का निरंतर निरीक्षण हो रहा है।

निरीक्षण की तस्वीरें बता रही हैं कि अधिकारी सेफ्टी प्रोटोकॉल का किस तरह उल्लंघन कर रहे हैं। सक्ती (Sakti)  जिला प्रशासन के अधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में पोस्ट की गई तस्वीरों में इसे देखा जा सकता है।

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कलेक्टर अमृत विकास तोपनो भी संयंत्र निरीक्षण के सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करते नजर नहीं आ रहे हैं। कलेक्टर को एक सामान्य चप्पलनुमा सैंडिल में निरीक्षण करते हुए देखा जा सकता है। कलेक्टर चप्पलनुमा सैंडिल में निरंतर संयंत्र पहुंच रहे हैं और निरीक्षण कर रहे हैं।

संयंत्र में नियोजित अधिकारी, कर्मचारी हो या विजिट करने पहुंचने वाले अन्य लोग, सभी को सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है। संयंत्र का निरीक्षण चप्पल/सैंडिल में नहीं किया जा सकता है। निरीक्षण करने वाले व्यक्ति को सेफ्टी शू अथवा सामान्य जूते अवश्य धारण करने होते हैं।

इधर, जिले के कलेक्टर ही सेफ्टी प्रोटोकॉल को तोड़ रहे हैं। तस्वीरों में पुलिस अधीक्षक को भी बीना हेलमेट के संयंत्र का निरीक्षण करते हुए देखा जा सकता है।

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