कोरबा, 19 अप्रेल। रविवार की दोपहर हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPS) का झाबू स्थित राखड़ बांध का एक हिस्सा धमाके के साथ फूट गया। राख के सैलाब की चपेट में ऑपरेटर सहित जेसीबी आ गई। दबकर ऑपरेटर की मौत हो गई।
घटना दोपहर 12 बजे के आसपास की है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी (CGSPGCL) के हसदेव ताप विद्युत गृह का ग्राम झाबू में राखड़ बांध है। प्रत्यत्क्षदर्शियों ने बताया कि बांध का एक हिस्सा धमाके साथ फूट गया और तेजी से राख का सैलाब नीचे की ओर आया। रख- रखाव के कार्य में लगी जेसीबी मशीन ऑपरेटर अमृता हुलेश्वर (22 वर्ष) सहित राख के सैलाब की चपेट में आ गई।
कई घण्टों के रेस्क्यू के बाद ऑपरेटर हुलेश्वर का शव राख के मलबे से निकाला जा सका। राख के सैलाब में एक पोकलेन मशीन और दो बाइक भी आई। मतृक के परिजनों को तत्कालिक सहायता राशि के तौर पर पांच लाख रुपए नगद प्रदान किया गया।
घोर लापरवाही का परिणाम
बताया गया है कि एचटीपीएस प्रबंधन द्वार राखड़ बांध के रखरखाव का कार्य कराया जा रहा था। इसका ठेका दर्री क्षेत्र की ठेका कंपनी शंकर इंजीनियरिंग के पास है, जिसके ओनर शंकर स्वामी हैं। बताया गया है कि राखड़ बांध में राख और मिट्टी का अत्यधिक दबाव बन गया था। इस कारण बांध का करीब 30 मीटर हिस्सा धमाके साथ फूट गया। सूत्रों ने बताया बांध का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, उसमें लीकेज था।
यह भी बताया गया है दो माह में चार बार इस हिस्से से राख बाहर आई है। जानकारी दी गई है कि बांध की ऊंचाई बढ़ाने का काम भी किया जा रहा था, लेकिन एचटीपीएस के मुख्य अभियंता एचके सिंह ने इससे इनकार किया। संयंत्र के मुख्य अभियंता ने स्वीकार किया कि कमजोर होने की वजह से बांध का वह हिस्सा फूट गया।
एचके सिंह ने बताया कि बांध में ठेका कार्य शंकर इंजीनियरिंग का था। बताया गया है कि हादसे के वक्त चीफ इंजीनियर (फ्लाई ऐश) देवेन्द्र नाथ, कार्यपालन अभियंता चंचल ध्रुव और सहायक अभियंता चंद्रहास साहू मौके पर ही थे।
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