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कोयला मंत्रालय द्वारा साइंटिफिक माइन क्लोजर तथा पोस्ट-माइनिंग लैंड यूटिलाइजेशन पर दिए जा रहे विशेष बल के अनुरूप, साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने 30 मई 2026 को जामुना-कोतमा क्षेत्र की जामुना ओपनकास्ट खदान के बंद एवं परित्यक्त खदान क्षेत्रों में संचालित माइन क्लोजर एवं लैंड रिपर्पजिंग गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान श्री दुहान ने माइन क्लोजर प्लान (एमसीपी) के अंतर्गत हरड़ पैच में किए जा रहे ऐश फिलिंग, टॉप सॉइल स्प्रेडिंग एवं बायोलॉजिकल रिक्लेमेशन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा सभी गतिविधियों को निर्धारित मानकों एवं पर्यावरणीय दिशानिर्देशों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर बल दिया।

दैखाल पैच में विकसित विशाल वाटर बॉडी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने इसके दीर्घकालिक उपयोग की संभावनाओं की समीक्षा की और क्षेत्रीय प्रबंधन को एक व्यापक “रिवर्स मार्केट सर्वे” संचालित करने तथा इंटीग्रेटेड इको पार्क एवं वाटर एडवेंचर पार्क के विकास हेतु एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय समुदायों के लिए सस्टेनेबल लाइवलीहुड के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से फिशरीज गतिविधियों के विस्तार पर भी जोर दिया।

श्री दुहान ने छोहरी पैच एवं ग्राम बदरा स्थित आम वाटिका का भी दौरा किया, जहां रिक्लेम्ड लैंड एवं माइन वाटर का उपयोग कृषि एवं हॉर्टिकल्चर गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने किसानों द्वारा तरबूज, आम, कटहल, आंवला एवं अमरूद जैसी फसलों और फलदार पौधों की सफल खेती की सराहना की, जिससे स्थानीय स्तर पर आय सृजन और आजीविका संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है।

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इस अवसर पर श्री दुहान ने कहा कि माइन क्लोजर को केवल एक रेगुलेटरी रिक्वायरमेंट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक विकास तथा दीर्घकालिक वैल्यू क्रिएशन के अवसर के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उचित योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से रिक्लेम्ड माइन लैंड को ग्रीन स्पेसेज़, वाटर रिजर्वॉयर, इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन, एग्रीकल्चर हब तथा लाइवलीहुड सेंटर के रूप में विकसित किया जा सकता है।

एसईसीएल अपने विभिन्न क्षेत्रों में प्रोग्रेसिव माइन क्लोजर, इकोलॉजिकल रिस्टोरेशन एवं लैंड रिपर्पजिंग की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। रिक्लेमेशन, अफॉरेस्टेशन, वाटर रिसोर्स डेवलपमेंट तथा कम्युनिटी-केंद्रित परियोजनाओं के माध्यम से कंपनी पोस्ट-माइनिंग लैंडस्केप्स को सस्टेनेबल डेवलपमेंट के मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

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