कोरबा, 2 जुलाई (IndustrialPunch desk) : राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता (NCWA- XI) की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है। अब कोयला कर्मियों की निगाहें एनसीडब्ल्यूए- XII के लिए ज्वाइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर द कोल इंडस्ट्री (JBCCI- XII) के गठन पर टिकी हैं। इस बीच विभिन्न केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने कोल इंडिया प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन तेज कर दिया है, जबकि प्रबंधन की ओर से औद्योगिक संबंध संहिता-2020 के प्रावधानों के अनुरूप आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
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यूनियनों ने बढ़ाया दबाव
भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ ने 25 से 30 जून तक देशव्यापी अभियान चलाकर जेबीसीसीआई- XII का तत्काल गठन और एनसीडब्ल्यूए- XII की वेतन वार्ता शुरू करने की मांग उठाई।
वहीं, 1 जुलाई को एचएमएस, इंटक, सीटू और एटक ने संयुक्त रूप से पूरे कोल सेक्टर में ‘मांग दिवस’ मनाकर कोल इंडिया प्रबंधन से शीघ्र वार्ता शुरू करने की मांग की। चारों संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रबंधन ने दिए अलग संकेत
श्रमिक संगठनों के आंदोलनों के बीच 26 जून को कोल इंडिया प्रबंधन ने सभी अनुषांगिक कंपनियों के मानव संसाधन (HR) निदेशकों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में औद्योगिक संबंध संहिता- 2020 के प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कोयला उद्योग में श्रमिक संगठनों की मान्यता के लिए सीक्रेट बैलेट प्रणाली लागू करने तथा उसके बाद ही वेतन वार्ता शुरू करने की दिशा में विचार-विमर्श किया गया। इससे संकेत मिलते हैं कि प्रबंधन फिलहाल नई मान्यता प्रक्रिया को प्राथमिकता देना चाहता है।
हालांकि, 5 जून को हुई एपेक्स जेसीसी की बैठक में प्रबंधन ने आश्वासन दिया था कि नए लेबर कोड को लागू करने से पहले सभी मान्यता प्राप्त यूनियनों से विस्तृत चर्चा की जाएगी।
रांची में होगी चार यूनियनों की रणनीतिक बैठक
अब सभी की नजर श्रमिक संगठनों के अगले कदम पर है। जानकारी के अनुसार, एचएमएस, इंटक, सीटू और एटक के शीर्ष नेताओं की जल्द ही रांची में बैठक होगी। इसमें कोल इंडिया प्रबंधन के साथ संभावित चर्चा, आंदोलन की आगामी रणनीति और जेबीसीसीआई- XII गठन को लेकर संयुक्त कार्ययोजना पर निर्णय लिया जाएगा।
7 जुलाई को बीएमएस की समीक्षा बैठक
उधर, बीएमएस से संबद्ध अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ ने भी अपनी अगली रणनीति तय करने के लिए 7 जुलाई को बिलासपुर में बैठक बुलाई है।
महामंत्री सुजीत सिंह ने बताया कि बैठक में 25 से 30 जून तक चलाए गए आंदोलन की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, जेबीसीसीआई-12 के गठन और एनसीडब्ल्यूए-12 की वेतन वार्ता शीघ्र शुरू कराने के लिए आगे की रणनीति पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
क्या आगे बढ़ेगी वेतन वार्ता?
फिलहाल स्थिति ऐसी है कि एक ओर श्रमिक संगठन तत्काल जेबीसीसीआई- XII गठन और वेतन वार्ता शुरू करने की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि दूसरी ओर कोल इंडिया प्रबंधन पहले यूनियनों की मान्यता प्रक्रिया को नए प्रावधानों के अनुरूप आगे बढ़ाने के संकेत दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में रांची और बिलासपुर की बैठकों से निकलने वाले निर्णय कोल उद्योग की वेतन वार्ता की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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