Sunday, October 11, 2026
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SECL में बड़ा बदलाव: वर्कर्स इंस्पेक्टर निरीक्षण व्यवस्था खत्म, Form-U रिपोर्ट भी अब नहीं होगी अनिवार्य

नए श्रम नियम लागू होने के बाद SECL ने ट्रेड यूनियनों को जारी किया आदेश, OSHWC Rules-2026 के तहत बदली व्यवस्था

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साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के रामपुर बटुरा ओपनकास्ट प्रोजेक्ट (RBOCP) ने सभी मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों को एक महत्वपूर्ण सूचना जारी करते हुए बताया है कि Occupational Safety, Health and Working Conditions (Central) Rules, 2026 लागू होने के बाद वर्कर्स इंस्पेक्टर (Workers’ Inspector-WI) की निरीक्षण व्यवस्था तथा Form-U निरीक्षण रिपोर्ट की अनिवार्यता समाप्त हो गई है।

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9 जुलाई 2026 को जारी पत्र में बताया गया है कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 8 मई 2026 को अधिसूचना G.S.R. 345(E) के माध्यम से Occupational Safety, Health and Working Conditions (Central) Rules, 2026 लागू किए हैं। इन नए नियमों के लागू होने के साथ ही Mines Rules, 1955 सहित कई पुराने केंद्रीय श्रम नियम निरस्त (Supersede) हो गए हैं।

नए नियमों में नहीं है Workers’ Inspector का प्रावधान

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SECL द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नए केंद्रीय नियमों की समीक्षा में पाया गया है कि OSHWC (Central) Rules, 2026 में Workers’ Inspector (WI) की नियुक्ति या उसके कार्य संचालन का कोई प्रावधान नहीं है। इसके साथ ही Form-U में निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने और जमा करने की भी कोई वैधानिक आवश्यकता नहीं रखी गई है।

यानी नए नियम लागू होने के बाद वर्कर्स इंस्पेक्टर द्वारा नियमित निरीक्षण और Form-U रिपोर्ट की व्यवस्था कानूनी रूप से समाप्त हो गई है।

ट्रेड यूनियनों को दिए गए निर्देश

SECL प्रबंधन ने सभी संबद्ध ट्रेड यूनियनों से कहा है कि वे नए कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। यह पत्र केवल सूचना एवं आवश्यक अनुपालन (Compliance) सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

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श्रम कानूनों में बड़े बदलाव का हिस्सा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 के तहत बनाए गए नए केंद्रीय नियमों का हिस्सा है। इन नियमों का उद्देश्य विभिन्न श्रम कानूनों को एकीकृत करना और कार्यस्थलों पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को नए ढांचे के अनुसार लागू करना है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए नियमों के लागू होने के बाद खदानों में कर्मचारियों की सुरक्षा, निरीक्षण व्यवस्था और ट्रेड यूनियनों की भूमिका किस प्रकार आगे विकसित होती है।

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