नई दिल्ली। झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वासित परिवारों के लिए स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 17 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बेलगारिया में एक टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव पंकज जैन, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल, धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन, आदित्य बिड़ला समूह के ग्रुप प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) के. वी. सुनील तथा राजधानी टेक्सटाइल्स के कार्यकारी निदेशक प्रवेश कोचेता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पुनर्वासित परिवारों के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर
बैठक में झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वासित परिवारों को दीर्घकालिक और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बेलगारिया में टेक्सटाइल निर्माण इकाई स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस पहल का उद्देश्य केवल पुनर्वास तक सीमित न रहकर प्रभावित परिवारों के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देना है।
सैटेलाइट तकनीक से होगी निगरानी
बैठक में नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के साथ भी चर्चा की गई। इसमें झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत बसे हुए क्षेत्रों की मैपिंग, उच्च जोखिम वाले स्थलों की पहचान तथा उनकी सतत निगरानी के लिए सैटेलाइट इमेजिंग तकनीक के उपयोग पर विचार किया गया।
इस तकनीक के माध्यम से पुनर्वास प्रक्रिया को अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।
BCCL की सतत पुनर्वास नीति को मिलेगा बल
बैठक में इस बात पर सहमति जताई गई कि झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वास केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी रोजगार, कौशल विकास और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
BCCL ने इस दिशा में सतत पुनर्वास (Sustainable Rehabilitation) और तकनीक आधारित योजना (Technology-driven Planning) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join
IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce









