Saturday, July 18, 2026
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MOU सिर्फ कागजों तक सीमित? इलाज के लिए तरसे BCCL के पूर्व अधिकारी, उठे बड़े सवाल

पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक), BCCL श्री प्रिया नंद सिंह ने दावा किया है कि 13 जुलाई से वे नारायणा इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंस में भर्ती हैं।

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कोरबा, 18 जुलाई (IndustrialPunch Desk) : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और नारायणा इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंस, बेंगलुरु के बीच 27 जनवरी 2025 को हुए मेडिकल MoU पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक सेवानिवृत्त BCCL अधिकारी ने आरोप लगाया है कि समझौते में अस्पताल की प्रचलित (Prevailing) दरों पर उपचार का प्रावधान होने के बावजूद उन्हें समय पर स्वीकृति नहीं मिली, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ गई।

पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक), BCCL श्री प्रिया नंद सिंह ने दावा किया है कि 13 जुलाई से वे नारायणा इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंस में भर्ती हैं। एंजियोग्राफी के बाद अस्पताल ने उन्हें गंभीर हृदय रोगी बताते हुए लेजर तकनीक से तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता जताई और करीब ₹10 लाख के उपचार का अनुमान BCCL को भेजा।

उनके अनुसार अस्पताल ने मामले को क्रिटिकल बताते हुए तत्काल स्वीकृति मांगी, लेकिन कई दिनों तक कोई जवाब नहीं मिला। लगातार संपर्क और हस्तक्षेप के बाद भी केवल CGHS दरों पर इलाज की मंजूरी दी गई, जबकि अस्पताल का दावा था कि वास्तविक उपचार लागत इससे कहीं अधिक है।

पूर्व अधिकारी का आरोप है कि इसके बाद अस्पताल ने सीधे Coal India Limited को ई-मेल भेजा। उनके मुताबिक Coal India ने BCCL को अस्पताल की वास्तविक दरों के अनुरूप संशोधित स्वीकृति देने का निर्देश दिया, लेकिन BCCL ने संशोधित अनुमति जारी नहीं की।

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उन्होंने दावा किया कि Coal India और Narayana Hrudayalaya के बीच हुए समझौते के Clause-9 में उपचार का भुगतान प्रचलित (Prevailing) अस्पताल दरों के आधार पर किए जाने का उल्लेख है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में MoU के दस्तावेज भी साझा किए हैं।

पूर्व अधिकारी का कहना है कि यदि उनके पास ₹8–10 लाख की निजी व्यवस्था नहीं होती तो आवश्यक ऑपरेशन कराना संभव नहीं होता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी को भी समय पर इलाज की मंजूरी नहीं मिल रही है, तो सामान्य कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों की स्थिति क्या होगी।

उन्होंने BCCL प्रबंधन, Coal India, अधिकारी संगठनों और कर्मचारी संगठनों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने तथा आपातकालीन चिकित्सा मामलों में त्वरित स्वीकृति की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

दस्तावेज क्या बताते हैं?

  • 27 जनवरी 2025 को Coal India और Narayana Hrudayalaya के बीच MoU हुआ।
  • MoU में कुछ सेवाओं पर 15% छूट तथा प्रचलित अस्पताल दरों के आधार पर बिलिंग का उल्लेख है।
  • समझौता बेंगलुरु स्थित Narayana Institute of Cardiac Sciences के लिए लागू बताया गया है।

BCCL का पक्ष आना बाकी

इस मामले में BCCL प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यदि प्रबंधन इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया जारी करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

साभार: CIL FB Group

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