Tuesday, August 11, 2026
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पुरानी पेंशन की उम्मीदों को झटका! केंद्र बोला- OPS बहाल करने का कोई प्रस्ताव नहीं

लोकसभा में दिए गए जवाब से यह स्पष्ट हुआ है कि केंद्र सरकार राजकोषीय बोझ को OPS की बहाली के खिलाफ प्रमुख आधार मान रही है।

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नई दिल्ली | Industrial Punch : पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में स्थिति स्पष्ट की है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा है कि सरकारी राजकोष पर पड़ने वाले भारी वित्तीय बोझ को देखते हुए पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने का कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के विचाराधीन नहीं है।

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यह सवाल डॉ. इंद्र हांग सुब्बा ने लोकसभा में पूछा था। इसमें सरकार से OPS लागू करने की योजना, संभावित समयसीमा और विभिन्न राज्यों में पेंशन निधि में जमा राशि से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।

OPS बहाली पर केंद्र का साफ जवाब

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वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि सरकारी राजकोष पर पुरानी पेंशन योजना के कारण पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को देखते हुए इसे दोबारा लागू करने का कोई प्रस्ताव भारत सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। यानी केंद्र स्तर पर फिलहाल OPS की वापसी की कोई योजना नहीं है।

इन राज्यों में NPS के तहत जमा है बड़ा फंड

लोकसभा में दिए गए जवाब के मुताबिक, 26 जुलाई 2026 तक राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत संबंधित राज्यों की पेंशन निधि का विवरण इस प्रकार है:

  • राजस्थान : ₹53,403.89 करोड़
  • छत्तीसगढ़ : ₹24,030.04 करोड़
  • झारखंड : ₹14,420.90 करोड़
  • पंजाब : ₹40,673.08 करोड़
  • हिमाचल प्रदेश : ₹12,525.96 करोड़

आंकड़ों के अनुसार, इन राज्यों में राजस्थान की पेंशन निधि सबसे अधिक ₹53,403.89 करोड़ है, जबकि हिमाचल प्रदेश में यह राशि ₹12,525.96 करोड़ दर्ज की गई है।

NPS से OPS में बदलाव का मुद्दा क्यों अहम?

OPS और NPS को लेकर सरकारी कर्मचारियों के बीच लंबे समय से बहस चलती रही है। OPS में सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का भुगतान सरकार की जिम्मेदारी होती है, जबकि NPS में कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान से पेंशन फंड तैयार होता है।

लोकसभा में दिए गए जवाब से यह स्पष्ट हुआ है कि केंद्र सरकार राजकोषीय बोझ को OPS की बहाली के खिलाफ प्रमुख आधार मान रही है।

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सरकार ने राज्यों के पेंशन फंड का आंकड़ा भी संसद में रखा

इस जवाब के जरिए केंद्र ने यह भी बताया कि NPS के तहत राज्यों के पास कितनी पेंशन निधि जमा है। इससे OPS-NPS को लेकर चल रही बहस में राज्यों की पेंशन निधि और वित्तीय दायित्व का मुद्दा फिर चर्चा में आ सकता है।

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