नई दिल्ली। IndustrialPunch : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने की मंजूरी दी है। श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। प्रस्तावित संशोधन 17 सितंबर 2026 से लागू होगा, जो विश्वकर्मा जयंती और सेवा दिवस के अवसर पर है।
₹15,000 से ₹25,000 तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को लाभ
वेतन सीमा में इस वृद्धि से उन कर्मचारियों को अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में लाने का मार्ग खुलेगा, जिनका मासिक वेतन वर्तमान सीमा ₹15,000 से अधिक, लेकिन ₹25,000 तक है। इससे अधिक संख्या में कर्मचारियों को वैधानिक सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
डॉ. मांडविया ने कहा कि यह निर्णय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संशोधित सीमा से कर्मचारियों को भविष्य निधि बचत, पेंशन और बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि सितंबर 2014 से वेतन सीमा में बदलाव नहीं हुआ था, जबकि इस अवधि में वेतन, न्यूनतम मजदूरी और जीवन-यापन की लागत में वृद्धि हुई है।
EPF, EPS और EDLI तीनों योजनाओं का विस्तार
EPFO के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को लागू वैधानिक और योजना संबंधी प्रावधानों के अनुसार तीन प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा:
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) : सेवानिवृत्ति के लिए भविष्य निधि बचत और वित्तीय सुरक्षा।
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) : पात्र कर्मचारियों के लिए पेंशन सुरक्षा।
कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना (EDLI) : योजना के प्रावधानों के अनुसार बीमा आधारित सामाजिक सुरक्षा।
सरकार पर ₹11,339 करोड़ का वार्षिक अतिरिक्त खर्च
इस प्रस्ताव पर अंतर-मंत्रालयी विचार-विमर्श के बाद व्यय वित्त समिति (EFC) ने 16 जून 2026 को अपनी सिफारिश दी थी। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, वेतन सीमा बढ़ाने से संबंधित अनुमानित वार्षिक सरकारी व्यय लगभग ₹11,339 करोड़ होगा। मौजूदा वार्षिक बजटीय सहायता लगभग ₹10,250 करोड़ है।
रोजगार के औपचारिकीकरण को मिलेगा प्रोत्साहन
श्रम मंत्री ने कहा कि यह निर्णय श्रम संहिताओं के तहत सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगा। अधिक कर्मचारियों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने से रोजगार के औपचारिकीकरण को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा की बेहतर पहुंच से कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा, कार्यबल की स्थिरता और कर्मचारी प्रतिधारण को मजबूती मिल सकती है। इससे नियोक्ताओं को भी अधिक सुरक्षित और स्थिर कार्यबल का लाभ मिलने की संभावना है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा EPFO इस निर्णय को लागू करने के लिए आवश्यक वैधानिक और प्रशासनिक कदम उठाएंगे। हालांकि, वास्तविक कवरेज और योगदान की प्रक्रिया संबंधित वैधानिक प्रावधानों तथा EPFO योजनाओं के नियमों के अनुसार निर्धारित होगी।
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