कोरबा। IndustrialPunch : कोल इंडिया (CIL) के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के वित्तीय वर्ष 2025-26 के पीएलआर/एक्स-ग्रेशिया (बोनस) को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार प्रबंधन अक्टूबर के पहले सप्ताह में एपेक्स जेसीसी की बैठक बुलाकर बोनस पर फैसला करने की तैयारी में है।
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बताया जा रहा है कि इस बार जेबीसीसीआई- XI की अवधि समाप्त होने के कारण बोनस निर्धारण के लिए एपेक्स जेसीसी को मंच बनाए जाने की संभावना है। इससे पहले बोनस निर्धारण के लिए परंपरागत रूप से स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की बैठक होती रही है।
बोनस बैठक में इंटक की एंट्री पर पेच
सूत्रों के मुताबिक प्रबंधन बोनस बैठक में इंटक को शामिल करने को लेकर अलग रुख अपना सकता है। वहीं इंटक बोनस वार्ता में शामिल होने के लिए कानूनी विकल्प तलाश रहा है। हाल ही में इंटक नेताओं के कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
इंटक की कोशिश बताई जा रही है कि 2025 के कलकत्ता हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को आधार बनाकर आगामी बोनस बैठक में भागीदारी सुनिश्चित की जाए। वर्ष 2025 में भी इसी अंतरिम आदेश के बाद इंटक को बोनस से संबंधित बैठक में शामिल होने का अवसर मिला था।
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3 अगस्त की बैठक में उठी थी एपेक्स जेसीसी की मांग
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में 3 अगस्त को हुई एपेक्स जेसीसी बैठक भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में दो यूनियन प्रतिनिधियों ने पीएलआर निर्धारण के लिए पारंपरिक स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी के बजाय एपेक्स जेसीसी को मंच बनाने की मांग रखी थी। इसके बाद बोनस निर्धारण की प्रक्रिया और उपयुक्त मंच को लेकर चर्चा हुई थी।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में कोल इंडिया के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए ₹1,03,000 पीएलआर घोषित किया गया था। अब वित्त वर्ष 2025-26 के बोनस पर कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों की नजरें टिकी हैं।
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