Tuesday, October 27, 2026
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कोरबा में SECL परियोजनाओं की समीक्षा: भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और पुनर्वास पर कलेक्टर ने दिए निर्देश

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि भूमि से कब्जा हटाने से पहले और बाद की स्थिति को स्पष्ट करने वाले ड्रोन चित्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं।

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कोरबा। IndustrialPunch : कोरबा जिले में एसईसीएल की कोयला परियोजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, पुनर्वास और प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समीक्षा बैठक ली। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (PMG) की बैठक में कोरबा, कुसमुंडा, दीपका, गेवरा और मानिकपुर परियोजनाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी बनाने और प्रभावित परिवारों की समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

भूमि अधिग्रहण से पहले और बाद की ड्रोन तस्वीरें होंगी तैयार

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि भूमि से कब्जा हटाने से पहले और बाद की स्थिति को स्पष्ट करने वाले ड्रोन चित्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं। प्रभावित भूमि और परिसंपत्तियों का सर्वे कर उनकी सूचीबद्ध जानकारी भी सुरक्षित रखी जाए, ताकि भूमि अधिग्रहण, संपत्ति मूल्यांकन और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया व्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके।

बैठक में जटराज, सुमेधा, रिस्दी, पाली, खोड़री, पड़निया, नराईबोध दर्रा-खांचा, मूड़ियानारा, दर्री, रलिया और गेवरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण पर चर्चा हुई। मुआवजा नीति के अनुसार प्रभावित भूमि और संपत्तियों के मूल्यांकन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

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प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सुविधाओं पर जोर

बैठक में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा नई बसाहटों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के विषय पर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने एसईसीएल के सभी संबंधित महाप्रबंधकों को निर्देशित किया कि प्रभावित बसाहटों में बिजली, चिकित्सा, स्कूल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

प्रभावित क्षेत्रों में हाईटेंशन तार हटाने, विद्युत लाइनों के विस्तार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुआवजा वितरण के बाद कोयला उत्पादन बढ़ाने की योजना

कलेक्टर ने उन क्षेत्रों में अधिग्रहण के बाद कोयला उत्पादन बढ़ाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा की, जहां मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने प्रस्तावित खदान क्षेत्रों में आवश्यक सर्वे कराने, दीपका क्षेत्र में परिवारों का सर्वे करने और प्रभावित गांवों में ग्रामसभा आयोजित करने के निर्देश दिए।

मानिकपुर क्षेत्र के पोखरी से संबंधित योजना पर अलग से बैठक आयोजित करने की बात भी कही गई, ताकि संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके।

दो करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों के लिए जोनल टेंडर पर जोर

प्रभावित बसाहटों में छोटे विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने के उद्देश्य से कलेक्टर ने एसईसीएल के महाप्रबंधकों को दो करोड़ रुपये तक के कार्यों के लिए जोनल टेंडर प्रक्रिया अपनाते हुए आवश्यक स्वीकृति की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस पहल का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता में सुधार करना है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था की समीक्षा

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने उरगा-चांपा और कटघोरा-बिलासपुर मार्ग पर यातायात को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सड़कों पर अनधिकृत पार्किंग रोकने और अतिक्रमण हटाने पर भी जोर दिया, ताकि यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके और सड़क उपयोगकर्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, कटघोरा एसडीएम विपिन दुबे, पोड़ी-उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे, पाली एसडीएम रोहित सिंह, कोरबा एसडीएम सरोज महिलांगे और डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज सहित एसईसीएल के संबंधित महाप्रबंधक, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा सीजीपीसीडीएल के अधिकारी उपस्थित रहे।

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