मुंबई। IndustrialPunch : भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, निर्माण गतिविधियों और औद्योगिक निवेश से स्टील की मांग को मजबूती मिल रही है। देश की प्रमुख स्टील निर्माता कंपनी JSW Steel को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की कुल स्टील खपत लगभग 177 मिलियन टन तक पहुंच सकती है। कंपनी के मुताबिक, घरेलू बाजार में मांग की मजबूती उसके उत्पादन विस्तार और दीर्घकालीन विकास की रणनीति को समर्थन दे रही है।
Financial Express की 26 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में स्टील की खपत सालाना आधार पर 7.5% बढ़कर लगभग 85 मिलियन टन रही। कंपनी को दूसरी छमाही में लगभग 92 मिलियन टन खपत की उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र से मिल रहा समर्थन
भारत में सड़क, रेलवे, शहरी विकास, औद्योगिक परियोजनाओं और निजी रियल एस्टेट में निवेश स्टील की मांग के प्रमुख स्रोत बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त ऑटोमोबाइल, घरेलू उपकरण, विनिर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में स्टील के इस्तेमाल से भी बाजार को समर्थन मिल रहा है।
JSW Steel के अनुसार, मांग में वृद्धि कई क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तिमाही में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बिक्री 36%, घरेलू उपकरणों में 28%, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 14% और संस्थागत बिक्री में 15% की वृद्धि दर्ज की गई।
इन रुझानों से संकेत मिलता है कि स्टील की मांग केवल निर्माण क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि विनिर्माण और अन्य औद्योगिक गतिविधियों में भी इसका विस्तार हो रहा है।
2031 तक 65 मिलियन टन क्षमता का लक्ष्य
बढ़ती घरेलू मांग को ध्यान में रखते हुए JSW Steel अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य 2031 तक क्षमता को लगभग 65 मिलियन टन तक पहुंचाना है।
विस्तार योजना के तहत कंपनी उत्पादन सुविधाओं के विस्तार, परिचालन दक्षता में सुधार और कच्चे माल की उपलब्धता मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। इसके साथ ही कंपनी लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, कैप्टिव खनन क्षमता बढ़ाने और मूल्यवर्धित स्टील उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी काम कर रही है।
JSW Steel के तिमाही नतीजों में भी मजबूती
JSW Steel ने सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का समेकित परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 21% बढ़कर ₹54,486 करोड़ रहा, जबकि शुद्ध लाभ बढ़कर ₹5,279 करोड़ पहुंच गया।
कंपनी की बिक्री मात्रा में भी सालाना आधार पर लगभग 13% वृद्धि दर्ज की गई। मजबूत घरेलू मांग और उत्पादन क्षमता के बेहतर इस्तेमाल ने कंपनी के प्रदर्शन को समर्थन दिया।
इसके बावजूद कच्चे माल की लागत, विशेषकर कोकिंग कोल की कीमतों में संभावित वृद्धि, स्टील निर्माताओं के मुनाफे पर दबाव डाल सकती है। कंपनी को उम्मीद है कि घरेलू स्टील की मांग और बेहतर परिचालन दक्षता इन लागत दबावों का कुछ हिस्सा संतुलित कर सकती है।
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