नई दिल्ली। IndustrialPunch : कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने वित्त वर्ष 2026-27 में परीक्षण के लिए कोयला मंत्रालय से संबंधित 20 विषयों का चयन किया है। इन विषयों में कोयला कर्मचारियों के हित, भविष्य निधि, खदानों की सुरक्षा, श्रमिक कल्याण, अवैध कोयला खनन और कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) तथा उसकी अनुषंगी कंपनियों की कार्यप्रणाली शामिल हैं।
समिति की इस पहल के तहत कोयला क्षेत्र के प्रशासनिक, आर्थिक और श्रमिक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। इसका दायरा कोयला उत्पादन और आपूर्ति से आगे बढ़कर कर्मचारियों के कल्याण, सुरक्षा व्यवस्था तथा कोयला खनन से संबंधित चुनौतियों तक फैला हुआ है।
भविष्य निधि और श्रमिक कल्याण पर विशेष नजर
समिति द्वारा चुने गए विषयों में कोयला कर्मचारियों की भविष्य निधि और पेंशन से संबंधित मामले भी शामिल हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, श्रमिक कल्याण और खदानों में सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
कोयला उद्योग में बड़ी संख्या में कर्मचारी और श्रमिक कार्यरत हैं। ऐसे में भविष्य निधि, पेंशन, कार्यस्थल की सुरक्षा और कल्याणकारी सुविधाओं से जुड़े विषयों की समीक्षा कर्मचारियों के हितों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
कोल इंडिया और अनुषंगी कंपनियों के कामकाज की समीक्षा
संसदीय समिति कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी अनुषंगी कंपनियों की कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों की भी समीक्षा करेगी। इसमें कोयला उत्पादन, आपूर्ति, प्रशासनिक व्यवस्था और संबंधित गतिविधियों से जुड़े पहलुओं को शामिल किया गया है।
कोल इंडिया देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के कोयला उत्पादकों में शामिल है। इसकी अनुषंगी कंपनियां विभिन्न कोयला क्षेत्रों में उत्पादन और आपूर्ति की जिम्मेदारी निभाती हैं। इसलिए इनके कामकाज की समीक्षा का असर क्षेत्र की प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर पड़ सकता है।
खदान सुरक्षा और अवैध कोयला खनन भी समीक्षा के दायरे में
खदानों में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध कोयला खनन भी समिति के चयनित विषयों में शामिल हैं। खदानों में सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करना, श्रमिकों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण कोयला क्षेत्र की महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं।
इन मुद्दों की समीक्षा के माध्यम से संबंधित व्यवस्थाओं, निगरानी और जिम्मेदारियों से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, उपलब्ध समाचार कटिंग में प्रत्येक विषय के लिए अलग-अलग सुनवाई की तारीख या किसी विशेष जांच के निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।
2026-27 में संसदीय निगरानी पर रहेगा जोर
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 20 विषयों का चयन कोयला मंत्रालय और उससे संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों के कामकाज की संसदीय समीक्षा की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसमें कर्मचारियों के हितों से लेकर उत्पादन, खदान सुरक्षा और अवैध खनन जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।
अब इन विषयों पर समिति की आगे की समीक्षा और उपलब्ध होने वाली रिपोर्टों पर नजर रहेगी। किसी विशिष्ट सिफारिश, निष्कर्ष या कार्रवाई की पुष्टि संबंधित संसदीय दस्तावेज जारी होने के बाद ही की जा सकेगी।
- Join the IndustrialPunch WhatsApp Group:Click here
- industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here









