Friday, November 6, 2026
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NCL : BMS कार्यालय में ज्वेलरी शॉपिंग मेला! कंपनी की संपत्ति यूनियन की जागीर है या निजी कारोबार का ठिकाना?

NCL, Coal India की सहायक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। कंपनी के भवन और संसाधन सार्वजनिक उपक्रम की संपत्ति हैं।

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सिंगरौली । IndustrialPunch : नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) की अमलोरी परियोजना स्थित BMS यूनियन कार्यालय में जयपुर डायमंड ज्वेलरी शॉपिंग मेले के आयोजन की तस्वीरें सामने आने के बाद कंपनी की संपत्ति के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कार्यालय के बाहर मेले के बड़े-बड़े बैनर और अंदर ₹100-₹150 की कीमत वाली ज्वेलरी की प्रदर्शनी दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल है कि श्रमिकों के हितों के लिए बना यूनियन कार्यालय आखिर शॉपिंग मेला लगाने का ठिकाना कैसे बन गया?

NCL, Coal India की सहायक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। कंपनी के भवन और संसाधन सार्वजनिक उपक्रम की संपत्ति हैं। इनका उपयोग निर्धारित नियमों और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के तहत ही होना चाहिए। ऐसे में BMS यूनियन के अध्यक्ष और सचिव को बताना चाहिए कि इस आयोजन की अनुमति किसने दी? क्या NCL प्रबंधन से लिखित स्वीकृति ली गई थी?

अध्यक्ष-सचिव से सीधे सवाल

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  • मेले का वास्तविक आयोजक कौन है?
  • क्या कार्यालय इस्तेमाल करने के लिए कोई किराया या शुल्क लिया गया?
  • क्या आयोजन से किसी पदाधिकारी को आर्थिक लाभ हो रहा है?
  • क्या NCL की बिजली और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है?
  • यदि अनुमति मिली है, तो उसका आदेश और शर्तें सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रहीं?

Coal India के HR Manual में कंपनी की संपत्ति की देखभाल और निजी व्यापार संबंधी गतिविधियों को लेकर प्रावधान हैं। हालांकि उनकी प्रयोज्यता संबंधित कर्मचारी की श्रेणी और लागू नियमों पर निर्भर करती है। फिर भी कंपनी परिसर के अधिकृत इस्तेमाल का सवाल अपनी जगह गंभीर है।

NCL प्रबंधन भी जवाब दे

यदि किसी सामान्य कर्मचारी को कंपनी परिसर में निजी व्यापारिक मेला लगाने की अनुमति नहीं मिल सकती, तो यूनियन कार्यालय में ऐसा आयोजन किस आधार पर हुआ? क्या यूनियन कार्यालय कंपनी के सामान्य प्रशासनिक नियमों से बाहर है? यदि अनुमति नहीं ली गई, तो प्रबंधन ने कार्रवाई क्यों नहीं की?

सवाल किसी यूनियन के अस्तित्व या श्रमिक हितों के संघर्ष पर नहीं, बल्कि कंपनी की संपत्ति के इस्तेमाल और जवाबदेही पर है। यूनियन कार्यालय श्रमिकों की आवाज उठाने का केंद्र होना चाहिए, न कि व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर विवाद का।

अब BMS यूनियन के अध्यक्ष-सचिव और NCL प्रबंधन को स्पष्ट करना चाहिए—कंपनी की संपत्ति का इस्तेमाल किसकी अनुमति से हुआ और इसके लिए जवाबदेह कौन है?

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