Saturday, July 18, 2026
Home Industrial (हिंदी) पॉवर एनटीपीसी और एसईसीएल ने किया MoU, बंद खदानों में भरी जाएगी राख

एनटीपीसी और एसईसीएल ने किया MoU, बंद खदानों में भरी जाएगी राख

यह सहयोग दोनों संगठनों की स्थायी प्रथाओं को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

Advertisement

पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, एनटीपीसी (NTPC) और एसईसीएल (SECL) ने 13 मिलियन मीट्रिक टन राख को बंद खदानों में भरने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते में दुग्गा खदान के लिए लगभग 117.81 लाख घन मीटर और बिश्रामपुर खदान के लिए 12.02 लाख घन मीटर राख के निपटान की रूपरेखा तैयार की गई है। यह पहल न केवल प्रभावी राख प्रबंधन की सुविधा प्रदान करती है, बल्कि बंद खनन स्थलों के पुनर्स्थापन में भी योगदान करती है, जो हमारे पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ मेल खाती है।

एनटीपीसी के तीन स्टेशनों—सिपट, लारा और कोरबा—ने इस राख की आपूर्ति में सहयोग किया है। विशेष रूप से, एनटीपीसी सिपट 5.4 मिलियन मीट्रिक टन, लारा 2.9 मिलियन मीट्रिक टन, और कोरबा 4.7 मिलियन मीट्रिक टन राख भरने के लिए प्रदान करेगा।

एनटीपीसी की ओर से इस MoU पर हस्ताक्षर करने वालों में विजय कृष्ण पांडे (परियोजना प्रमुख – सिपट), अनिल कुमार (परियोजना प्रमुख – लारा) और राजीव खन्ना (परियोजना प्रमुख – कोरबा) शामिल थे।

Advertisement

एसईसीएल की ओर से इस MoU पर हस्ताक्षर किए बी.के. जेना (महाप्रबंधक – पर्यावरण), प्रदीप कुमार (क्षेत्रीय महाप्रबंधक – भटगांव) और संजय कुमार (महाप्रबंधक – बिश्रामपुर) ने किए।

यह सहयोग दोनों संगठनों की स्थायी प्रथाओं को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

Advertisement
कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट