आखिरकार मोदी सरकार ने दिया सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, 3% डीए बढ़ाने का किया ऐलान

महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के कारण राजकोष पर संयुक्त रूप से 9,544.50 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का प्रभाव पड़ेगा। इससे केंद्र सरकार के लगभग 47.68 लाख कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।

नई दिल्ली, 30 मार्च। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) की अतिरिक्त किस्त जारी करने की मंजूरी दे दी है, जो 01 जनवरी 2022 से प्रभावी होगी और जिसमें मूल वेतन/पेंशन के 31 प्रतिशत की मौजूदा दर में 3 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है, ताकि मूल्य वृद्धि की भरपाई की जा सके।

यह वृद्धि स्वीकृत नियम के अनुसार है, जो सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है।

महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के कारण राजकोष पर संयुक्त रूप से 9,544.50 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का प्रभाव पड़ेगा। इससे केंद्र सरकार के लगभग 47.68 लाख कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।

पिछले डीए हाइक पर डालें एक नजर

जुलाई, 2021 में,केंद्र ने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दिया। केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस महामारी के कारण लगभग डेढ़ साल से डीए को रोक दिया था। अक्टूबर 2021 में 3 प्रतिशत और बढ़ोतरी के साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए DA बढ़कर 31 प्रतिशत हो गया। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए संशोधित डीए जुलाई, 2021 से लागू हो गया है। केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत को भी बढ़ाकर 31 प्रतिशत कर दिया गया, जो 1 जुलाई 2021 से प्रभावी है।

कैसे होता है डीए का कैलकुलेशन?

महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन का एक घटक है, जिसका उद्देश्य महंगाई के प्रभाव को कम करना है। बढ़ती महंगाई दर से निपटने के लिए सरकारी कर्मचारियों के प्रभावी वेतन को समय-समय पर रिवाइज किया जाता है। डीए हर साल दो बार रिवाइज किया जाता है – जनवरी और जुलाई में। चूंकि डीए जीवन यापन की लागत से संबंधित है, यह कर्मचारी से कर्मचारी के आधार पर अलग-अलगा होता है। यह इस पर निर्भर करता है कि वे शहरी क्षेत्र में रहते हैं, अर्ध-शहरी क्षेत्र या ग्रामीण क्षेत्र में काम करते हैं या नहीं।

साल 2006 में बदल दिया था फॉर्मूला

2006 में केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते की गणना के लिए फॉर्मूला बदल दिया।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए: महंगाई भत्ता% = ((ऑल इंडिया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का औसत (आधार वर्ष 2001=100) पिछले 12 महीनों के लिए -115.76)/115.76)*100.

केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए: महंगाई भत्ता% = ((पिछले 3 महीनों के लिए ऑल इंडिया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का औसत (आधार वर्ष 2001=100) -126.33)/126.33)*100

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी: तो कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी?

केंद्र सरकार का एक कर्मचारी जिसे 18,000 रुपये प्रति माह मिलता है, उसके टेक-होम वेतन में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। 34 फीसदी डीए से उनका वेतन 6,120 रुपये प्रति माह बढ़ जाएगा। चूंकि महंगाई भत्ता मूल वेतन से जुड़ा हुआ है, डीए में बढ़ोतरी से केंद्र सरकार के कर्मचारियों की मासिक भविष्य निधि (पीएफ) और ग्रेच्युटी राशि भी बढ़ेगी। तो, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए पीएफ, यात्रा भत्ता और ग्रेच्युटी बढ़ जाएगी।

 

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